कासगंज। बेटा कितना ही बड़ा हो जाए, लेकिन मां को उसकी हमेशा फिक्र रहती है। ऐसा ही कुछ रात में मृतक शिक्षक की मां हमीदा खातून के साथ हुआ। बेटा दिल्ली से रात में वापस लौट रहा था तो हमीदा के मन में चिंता थी। उन्हें बेटे के घर आने के इंतजार में नींद नहीं आ रही थी। दुर्घटना से करीब 20 मिनट पहले ही बेटे को फोन लगाया और पूछा कि कितनी देर में आ रहे हो। संभल कर आना। शिक्षक पुत्र जफीर ने मां से कहा कि चिंता मत करो हम 15 मिनट में घर पहुंच रहे हैं, लेकिन बेटे का यह मां से किया वादा अधूरा रह गया।
मां हमीदा खातून इस दुर्घटना के बाद से काफी परेशान थीं। वह बार- बार चीत्कार कर रहीं थीं क्योंकि इस दुर्घटना में बेटे जफीर की मौत हो गई वहीं उनके दो पौत्रों की मौत भी हो गई। वह सब्र करतीं तो कैसे। बार बार उनके मुंह से निकल रहा था कि मेरा तो सब कुछ लुट गया। शिक्षक के घर पर मंजर ऐसा था कि हर कोई इस मंजर को देखकर शोक में डूबा नजर आ रहा था और लोगों की आंख भी नम हो रही थी। बस्ती की महिलाएं, रिश्तेदार महिलाएं बार बार उन्हें ढांढस बंधा रहीं थीं, लेकिन वह बार बार बेटे और पौत्रों को याद कर चीत्कार करती हुई रो रहीं थीं। वह इस दुर्घटना में घायल हुई बेटे की पत्नी और एक पौत्र की खैरियत बार बार पूछ रहीं थीं।
पति पत्नी दोनों ही हैं जिले में शिक्षक
कार दुर्घटना में मौत का शिकार हुए शिक्षक जफीर अहमद की तैनाती शहर के बड्डू नगर के सरकारी विद्यालय में थी। जबकि पत्नी इरम जहां की तैनाती जिले के भरगैन के विद्यालय में है। शिक्षक की मौत से अन्य शिक्षकों में शोक की लहर है। तमाम शिक्षक उनके घर भी पहुंचे। तमाम शिक्षकों ने सोशल मीडिया पर मृतक शिक्षक को श्रद्धांजलि व्यक्त की।