बुधवार को नगर
निगम सदन की बैठक दोपहर 12 बजे शुरू हुई। पार्षदों ने हवाला दिया कि पिछले
दिनों न्यू आगरा की पार्षद सविता अग्रवाल अपने समर्थकों के साथ सड़क
किनारे से अतिक्रमण हटवाने पहुंचीं। इसको लेकर पार्षद और उनके पति के साथ
अभद्रता की गई। अपमान का दूसरा प्रकरण नगर निगम परिसर का ही उठाया गया। कहा
कि पिछले दिनों एक ठेकेदार ने पार्षद इंद्रपाल के साथ मारपीट कर दी थी।
पार्षदों का कहना था कि न तो पुलिस उनकी सुनवाई करती और न ही निगम अधिकारी।
इस पर सभी दलों के पार्षद एकजुट हो गए। हंगामा शुरू कर दिया। नगर आयुक्त
इंद्रविक्रम सिंह ने अधीनस्थों को न्यू आगरा क्षेत्र से अतिक्रमण हटाने के
निर्देश दे दिए। नगर निगम टीम ने दयाल लॉज के सामने से न सिर्फ अतिक्रमण
ध्वस्त किया, बल्कि ठेलों को भी हटवा दिया। इसके बाद छह जून को छूटे
प्रस्तावों पर चर्चा नहीं हो पाई।
...और पार्षदों ने मौन धारण कर लिया
सम्मान
के मुद्दे के बाद पार्षद राकेश जैन ने टोरंट का मुद्दा उठाया। महापौर
इंद्रजीत सिंह आर्य ने इस विषय पर चर्चा को अनुचित बताया। उन्होंने कहा कि
पिछली बैठक में इस पर चर्चा हो चुकी है इस पर पार्षद भड़क गए। वह उठकर डाइस
के सामने आ गए और हंगामा किया। टोरंट के मुद्दे पर न बोलने को लेकर सभी
पार्षदों ने मौन धारण कर लिया। 15 मिनट के लिए सदन की कार्यवाही रोकनी
पड़ी।
निर्माण कार्यों में धांधली का आरोप
पार्षद हेमंत
प्रजापति ने निर्माण कार्यों की निविदा में धांधली का आरोप लगाया। निर्माण
कार्यों के संबंध में अब नगर निगम द्वारा विज्ञापन जारी नहीं किए जाते।
इससे न तो सभी ठेकेदारों को जानकारी हो पाती है और न ही पार्षदों को। आरोप
लगाया कि निविदा की आड़ में निगम में धांधली की जा रही है। नगर आयुक्त ने
पार्षद के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सभी निर्माणों की निविदा का
विज्ञापन जारी किया जाता है। मगर, पार्षद इससे संतुष्ट नहीं हुए।
एलईडी लाइट का प्रस्ताव पास
बुधवार
को सदन के समक्ष एक बार फिर शहर में एलईडी का प्रस्ताव रखा गया। इसे
पार्षदों ने ध्वनिमत से प्रस्ताव सहमति दे दी। बता दें कि इस प्रस्ताव पर
पार्षद साक्षी बैजल और राजपाल ने आपत्ति दर्ज कराई थी। उनका कहना था कि सभी
लाइटों को बदलने की जरूरत नहीं है। जो लाइटें खराब हो चुकी हैं, यदि वह
वारंटी में हैं तो उनको बदलवाया जा सकता है।
निगम के वाहनों में लगेगा जीपीएस
सदन
में निगम के वाहनों में जीपीएस (ग्लोबल पॉजीशन सिस्टम) लगाने के प्रस्ताव
को संशोधन के बाद पास कर दिया गया है। अब न सिर्फ कूड़ा उठाने वाले वाहनों
में जीपीएस लगेगा, बल्कि निगम के डीजल-पेट्रोल से दौड़ रहे सभी वाहनों में
यह सिस्टम लगाया जाएगा। इसमें अधिकारियों के वाहन भी शामिल होंगे।