यमुनापार स्थित गढ़ी चांदनी में विवादित जमीन पर पुलिस-प्रशासनिक अफसरों की मौजूदगी में कब्जा कराया गया। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में खड़ी फसल को रौंदकर मजदूरों ने चारदीवारी बना दी। हालांकि पुलिस का कहना है कि एसडीएम एत्मादपुर के निर्देश पर पैमाइश कराई गई थी। महिलाओं ने हंगामा किया।
गढ़ी चांदनी निवासी विनोद वर्मा की गढ़ी चांदनी में पक्के आठ बीघा कृषि भूमि है। जमीन के स्वामित्व को लेकर उनका कटरा वजीर खां, रामबाग निवासी विनोद कुशवाहा से तीन साल से विवाद चल रहा है। एसडीएम कोर्ट में भी मामला विचाराधीन है। विनोद वर्मा ने यहां गेहूं की फसल की बुवाई की थी। एसडीएम कोर्ट ने 30 अक्टूबर 2014 और 13 जनवरी को पैमाइश कराने के निर्देश दिए थे। इसके लिए तहसील प्रशासन ने उन्हें नोटिस भेजा था। शुक्रवार को एसडीएम और सीओ छत्ता बीएस त्यागी फोर्स के साथ पैमाइश को पहुंचे। विनोद वर्मा ने विरोध किया। कहा, उन्हें नोटिस नहीं मिला है। जब तक फसल खड़ी है, पैमाइश नहीं की जा सकती। इसी बीच महिलाओं ने हंगामा शुरू कर दिया। देखते ही देखते पैमाइश के बाद चारदीवारी का निर्माण शुरू किया गया। इसको लेकर टकराव के हालात बने लेकिन फोर्स की मौजूदगी के कारण बवाल नहीं हो सका। सीओ छत्ता ने बताया कि जमीन की पैमाइश कराई गई थी।
क्या है कब्जे के पीछे का सच ?
खड़ी फसल के दौरान पैमाइश नहीं कराई जा सकती। पैमाइश को गई टीम के आने से पहले ही मजदूरों को बुला लिया गया था। इससे प्रतीत होता है कि दूसरे पक्ष को पता था कि पैमाइश के बाद चारदीवारी भी पुलिस बनवाएगी। तीन थानों की फोर्स सरकारी खजाने में बगैर पैसा जमा कराए आई थी। उसे क्यों बुलाया गया? इससे लगता है कि कब्जे के पीछे किसी प्रभावशाली व्यक्ति का हाथ है।