आगरा। संभागीय परिवहन विभाग में शनिवार को अधिकारियों की कार्यप्रणाली के विरोध में बाहरी लोगों ने हंगामा कर दिया। इससे प्राइवेट कर्मचारी सीट छोड़कर चले गए। इस वजह से लोग दिनभर अपने कार्यों के लिए भटकते रहे। बाहर दुकानों के बंद होने से ऑनलाइन फॉर्म व फीस तक का काम नहीं हुआ।
ड्राइविंग लाइसेंस के लिए बायोमेट्रिक और सत्यापन का कार्य प्राइवेट कंपनी के कर्मचारी करते हैं। यह कर्मचारी शनिवार को सीटों पर नजर नहीं आए। इस वजह से लोगों को दिक्कत हुई। दोपहर के समय कार्यालय के बाहर बैठने वाले बाहरी लोगों ने आरटीओ अधिकारियों की कार्यप्रणाली के विरोध में हंगामा किया। दुकानों को बंद कर गेट पर नारेबाजी की।
उनका आरोप है कि ड्राइविंग लाइसेंस के नाम पर तीन से चार हजार रुपये मांगे जा रहे है। इस वजह से कार्यालय में काम करने वाले प्राइवेट कर्मचारी सीट छोड़कर चले गए। ड्राइविंग लाइसेंस या वाहन फिटनेस के लिए कार्यालय के बाहर बने जन सुविधा केंद्र से लोग ऑनलाइन फीस जमा कराते हैं। अब केंद्र बंद होने से परेशानी हुई।
फतेहाबाद रोड के राजीव ने बताया कि वह लाइसेंस का सत्यापन कार्य कराने आए थे लेकिन काम नहीं हुआ। सिकंदरा के हरगोविंद को वाहन की फिटनेस करानी थी लेकिन आरआई के न होने से कार्य नहीं हुआ। एआरटीओ (प्रशासन) विनय कुमार ने बताया कि शासन की मंशा सभी कार्य को ऑनलाइन करने की है। उसी के तहत लाइसेंस प्रक्रिया को किया गया। इससे कुछ लोगों को दिक्कत हो रही है। इसमें सुधार लाने का प्रयास किया जा रहा है।
सुविधा शुल्क की शिकायत पर होगी जांच
ड्राइविंग लाइसेंस के लिए सुविधा शुल्क मांगने की शिकायत पर एआरटीओ (प्रशासन) विनय कुमार का कहना है कि इस मामले पर जांच करने का आदेश दिया गया है। शासन के स्तर से लाइसेंस टेस्ट के लिए सेंटर बनाया गया है।