संभागीय परिवहन विभाग की एक मुश्त योजना लागू होने के बाद भी टैक्स वसूली तेज नहीं हो सकी। ई-रिक्शा संचालकों पर पांच करोड़ रुपये से अधिक टैक्स बकाया है। विभाग की तरफ से एक भी ई-रिक्शा संचालक पर टैक्स वसूलने के लिए कार्रवाई नहीं की गई।
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कॉमर्शियल वाहनों स्वामियों के लिए आरटीओ की तरफ से एक मुश्त योजना प्रारंभ की गई है। योजना के तहत कई साल से टैक्स जमा न करने वाले वाहन स्वामियों को मौका दिया गया है। टैक्स जमा करने की एवज में 100 फीसदी जुर्माना माफ किया जाएगा। आरटीओ अधिकारियों ने तहसील के अमीनों के साथ बैठक की। फिर भी करीब 650 ई-रिक्शा संचालकों पर विभाग का 5 करोड़ 12 लाख रुपया बकाया बताया जा रहा है।
टैक्स जमा न करने पर ई-रिक्शा को सीज करने की कार्रवाई का दावा भी किया गया। पर, अभी तक एक भी ई-रिक्शा पर कार्रवाई नहीं की गई है। एआरटीओ (प्रशासन) एनसी शर्मा ने बताया कि टैक्स वसूली के लिए टीमों को लगाया गया है। कई वाहन स्वामी योजना का लाभ ले रहे हैं। हालांकि ई-रिक्शा को लेकर अभी अधिक टैक्स जमा नहीं हो रहा है।