पप्पू की पहल से गांव के स्कूल अपग्रेड हुए
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निजी स्कूल अभिभावकों को परेशान कर रहे है, खंड शिक्षा अधिकारी की संस्तुति के बाद भी प्रवेश नहीं ले रहे
बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों की संस्तुति के बाद भी कई स्कूल शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत विद्यार्थियों का दाखिला नहीं ले रहे हैं। अभिभावक स्कूल से लेकर शिक्षा विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों के कार्यालय का चक्कर काट रहे हैं।
आवास विकास कालोनी, सिकंदरा निवासी तपेश अग्रवाल ने पुत्री पूर्वी का प्रवेश आवास विकास में ही स्थित पब्लिक स्कूल में कराने के लिए आवेदन किया था। आवेदन को पात्र पाया गया। लोहामंडी क्षेत्र की खंड शिक्षा अधिकारी ने पूर्वी के साथ अन्य दो विद्यार्थियों के नाम संबंधित विद्यालय को 12 अप्रैल को भेजे। विद्यार्थियों का प्रवेश लेकर विद्यालय का बैंक खाता आदि उपलब्ध कराने को कहा गया जिससे क्षतिपूर्ति की राशि स्कूल को दी जा सके। पूर्वी का प्रवेश नर्सरी में और बाकी दो विद्यार्थियों का प्रवेश कक्षा एक में होना था।
प्रवेश न लिए जाने पर तपेश अग्रवाल ने जिलाधिकारी, बेसिक शिक्षा मंत्री, मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री को पत्र लिखा। इस पर खंड शिक्षा अधिकारी ने 16 मई को दूसरी बार पत्र लिखा। इसमें तीनों विद्यार्थियों के प्रवेश की रिपोर्ट न लिये जाने का कारण पूछा। कोई जवाब मिला नहीं। तपेश अग्रवाल बेटी के प्रवेश के लिए परेशान हैं। इस संबंध में बेसिक शिक्षा अधिकारी धर्मेंद्र कुमार सक्सेना का कहना है कि यदि आवेदन पात्र पाए गए हैं तो आरटीई का अनुपालन सुनिश्चित कराया जाएगा।