फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आरटीई प्रवेश व्यवस्था पर सवाल: 3612 बच्चे अभी भी वंचित, 18 स्कूलों को दिए गए नोटिस; फिर भी न मिला प्रवेश

Thu, 30 Apr 2026 11:19 AM IST
Dhirendra Singh अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

आगरा में आरटीई के तहत हजारों सीटें खाली होने के बावजूद 3612 चयनित बच्चों को निजी स्कूलों में प्रवेश नहीं मिल पाया है। 18 स्कूलों को नोटिस दिए जाने के बाद भी स्थिति में सुधार नहीं हुआ है, जिससे अभिभावकों को लगातार परेशान होना पड़ रहा है।
विज्ञापन
बच्ची को स्कूल ले जाती मां। सांकेतिक चित्र - फोटो : चैट जीपीटी।
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम के तहत प्रवेश में सिस्टम की सख्ती सिर्फ कागजी साबित हो रही है। कार्रवाई के नाम पर सिर्फ नोटिस जारी हो रहे हैं, स्कूलों पर कोई असर नहीं दिख रहा। अभिभावक भटकने को मजबूर हैं। आरटीई के तहत तमाम सीटें खाली पड़ी हैं, चयनित बच्चों को भी प्रवेश नहीं मिल रहा। 18 स्कूलों को चेतावनी देने के बावजूद हालात नहीं बदले।
विज्ञापन

 

आरटीई अधिनियम के तहत चयनित 8,112 छात्रों में से अब तक केवल 4,500 को ही प्रवेश मिल पाया है, जबकि 3612 बच्चे वंचित हैं। जिले में 10,644 सीटें खाली पड़ी हैं, इसके बावजूद निजी स्कूल प्रवेश देने से बच रहे हैं। शासन ने जिला बेसिक शिक्षाधिकारी (बीएसए) को निर्देश दिए हैं कि अभियान चलाकर वंचित छात्रों का प्रवेश सुनिश्चित कराएं और मना करने वाले स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई करें, लेकिन स्थिति में खास बदलाव नहीं दिख रहा।

प्रवेश प्रक्रिया तीन चरणों में पूरी हुई। पहले चरण में 13,627 आवेदन मिले, 1,800 निरस्त और 11,827 सही पाए गए, जिनमें 4,989 बच्चों को सीट मिली और 6,838 बाहर रहे। दूसरे चरण में 4,715 आवेदन में 3,886 सही, 829 निरस्त हुए, 1,771 को सीट मिली और 2,115 चयनित नहीं हुए। तीसरे चरण में 2,322 आवेदन में 1,930 सही पाए गए, 392 निरस्त हुए, 1,352 को सीट मिलीं। 578 लॉटरी चयन प्रक्रिया से बाहर रहे। कुल 17,643 आवेदन सही पाए गए। इस दाैरान तीन चरणों में 8,112 बच्चों का ही लॉटरी माध्यम से चयन हो सका।
विज्ञापन

बीएसए जितेंद्र कुमार गोंड ने बताया कि प्रवेश में लापरवाही पर 18 स्कूलों को नोटिस जारी किए गए हैं। (बीईओ) खंड शिक्षाधिकारियों को स्कूलों का माैका मुआयना करने के निर्देश दिए गए हैं। कहा गया है कि स्कूल में पहुंचकर बच्चों के प्रवेश कराएं, अगर कोई स्कूल फिर भी लापरवाही बरत रहा है तो उसकी रिपोर्ट भेजें, जिससे आगे की कार्रवाई की जा सके। प्रवेश न लेने वाले स्कूलों की मान्यता निरस्त की संस्तुति की जाएगी। यू डायस पोर्टल से उनका नाम हटाया जाएगा।
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें