जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी जितेंद्र गोंड ने बताया कि कई बार स्कूल चार-पांच साल पहले मैप हो जाते हैं। बीच में बंद हो जाने पर स्कूल वालों ने नहीं बताया तो वह पोर्टल पर चढ़ा रहता है। ऐसे में बच्चे का एडमिशन दूसरे स्कूल में कर दिया जाता है। बीईओ सुमित सिंह ने बताया कि प्रधानाचार्य से बात हुई थी तो उन्होंने कहा कि अभिभावक पहुंच नहीं पा रहे हैं, इस विषय में उन्हें अवगत भी करा दिया है।