राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ आगरा महानगर ने अपने 91वें स्थापना दिवस एवं विजयदशमी के अवसर पर शस्त्र पूजन कर पथ संचलन किया। स्वयंसेवकों ने अनुशासन और शक्ति का परिचय कराया। लोगों ने पुष्प वर्षा कर स्वागत किया।
महानगर में तीन स्थानों पर शस्त्र पूजा और पथ संचलन का कार्यक्रम रखा गया था। विक्टोरिया इंटर कालेज घटिया, गणेश पार्क तोता का ताल और विमल बैंक्वेट हाल ताजगंज में कार्यक्रम हुए।
सैकड़ों स्वयंसेवक घोष के साथ कदमताल मिलाते हुए शहर की घनी एवं मिश्रित बस्तियों से निकले। स्वयंसेवकों के पथ संचलन में जोश, ऊर्जा और धमक का एक अद्भुत मिश्रण था। प्रत्येक पथ संचलन में चार चार घोड़ों पर स्वयंसेवक नेतृत्व कर रहे थे।
गणेश पार्क में बौद्धिक सत्र को संबोधित करते हुए क्षेत्र सह प्रचारक प्रमुख जगदीश ने कहा कि आज का दिन स्वयंसेवकों के लिए ऐतिहासिक है। संघ राष्ट्र को पुन: परम वैभव पर पहुंचाने के लिए कार्य कर रहा है। भगवान श्रीराम ने तीन कार्य मुख्यरूप से किए थे, अच्छे लोगों का संरक्षण, बुरे लोगों का संहार और धर्म रक्षा। संघ भी यही कार्य कर रहा है। कार्यक्रम में मंच पर महानगर संघ चालक विजय गोयल, विष्णु गोयल थे।
विमल वाटिका के कार्यक्रम में बौद्धिक विभाग कार्यवाह केशव शर्मा, भाग संघ चालाक बुद्धिराजा और विपुल अग्रवाल ने स्वयं सेवकों को संबोधित किया। विक्टोरिया इंटर कालेज में बौद्धिक सत्र को प्रांत संपर्क प्रमुख अशोक कुलश्रेष्ठ, भाग संघ चालक ओम प्रकाश गुप्ता, संजय गौतम आदि ने संबोधित किया। कार्यक्रम में संस्कार भारती के संरक्षक योगेंद्र, बांकेलाल, महानगर कार्यवाह पंकज खंडेलवाल, दिनेश भटनागर, जानकी लाल, विशन, वीरेंद्र दीक्षित, अनिल अग्रवाल, सह महानगर कार्यवाह खगेश, महानगर संपर्क प्रमुख प्रमोद चौहान, महानगर प्रचार प्रमुख मनमोहन निरंकारी मौजूद रहे।
पुराने गणवेश में निकले स्वयंसेवक
आगरा। देश के अन्य शहरों में स्वयंसेवकों ने खाकी नेकर की जगह पेंट पहनी लेकिन आगरा में नेकर पहन कर ही निकले। संचलन में हर उम्र के स्वयंसेवक शामिल थे। अधिकांश के हाथ में दंड था तो तमाम स्वयंसेवक बंदूक, राइफल, तलवार आदि लेकर शामिल हुए।