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Agra News: आरपीएफ दरोगा और दो सिपाहियों पर बर्खास्तगी की तलवार, जीजा-साले का अपहरण कर मांगी थी फिरौती

Wed, 14 Dec 2022 10:31 PM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, आगरा

सार

आरपीएफ पोस्ट पर तैनात उपनिरीक्षक और दो सिपाहियों को अपहरण के मामले में पकड़े जाने के बाद आरपीएफ कमांडेंट ने आरपीएफ पोस्ट के इंस्पेक्टर को भी निलंबित कर दिया है।
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पुलिस गिरफ्त में आरोपी दरोगा व सिपाही - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कैंट आरपीएफ पोस्ट पर तैनात उपनिरीक्षक व दो सिपाहियों को अपहरण के मामले में जेल भेजे जाने के बाद रेलवे ने भी इनकी विभागीय जांच शुरू करा दी है। असिस्टेंट कमांडेंट को जांच सौंपी गई है। यदि पर्याप्त साक्ष्य मिले तो इनकी बर्खास्तगी भी हो सकती है। वहीं पोस्ट के इंस्पेक्टर को निलंबित कर दिया गया है। 
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आरपीएफ पोस्ट पर तैनात उपनिरीक्षक और दो सिपाहियों को अपहरण के मामले में पकड़े जाने के बाद आरपीएफ कमांडेंट ने आरपीएफ पोस्ट के इंस्पेक्टर को भी निलंबित कर दिया है। इस मामले में आरोपियों ने राजा की मंडी आरपीएफ चौकी पर ले जाकर अपहृतों के साथ मारपीट की थी। पर्यवेक्षण में लापरवाही बरतने पर इंस्पेक्टर पर गाज गिरी है। आगरा मंडल की वाणिज्य प्रबंधक प्रशस्ति श्रीवास्तव ने बताया कि इस मामले को रेलवे ने गंभीरता से लिया है। जांच असिस्टेंट कमांडेंट को दी गई है। पर्याप्त साक्ष्य सामने आने के बाद बर्खास्तगी से भी इन्कार नहीं किया जा सकता है।
 

राजा मंडी चौकी में पट्टे से पीटा, फोन कर फिरौती मांगी

आरपीएफ के दरोगा और दो सिपाहियों को फिरौती के लिए अपहरण और मारपीट की धारा में जेल भेजा गया है। इकरार को राजामंडी आरपीएफ चौकी में पट्टे से पीटा गया। उसकी चीखें सुनाकर साले काजिम को डराया गया था। उससे घर पर फिरौती के लिए फोन कराया गया था। मुक्त हुए जीजा-साले अभी तक दहशत में हैं। उनका कहना है कि पुलिस नहीं बचाती तो आरोपी उन्हें किसी न किसी गंभीर मामले में फंसाकर जेल भेजे देते। उनके घरवाले किसी भी सूरत में फिरौती नहीं दे पाते।
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इकरार अलीगढ़ में रामपुर, शाहपुर का निवासी है। दो दिन पहले ही अपनी ससुराल आया था। उसे साले काजिम के साथ कपड़े बेचने भिलाई जाना था। काजिम ने बताया कि अपहरण की रात पुलिस कर्मियों ने ज्यादा नहीं पीटा था। कुछ डंडे ही मारे थे। राजा मंडी चौकी में उन्हें बंद कर दिया था। दूसरे दिन सुबह 11 बजे आरोपी फिर लौटकर आए। पहले उसे तीन-चार थप्पड़ लगाए। घर की आर्थिक स्थिति के बारे में पूछा। उसने कहा कि मजदूर हैं। ज्यादा पैसा नहीं है। यह सुनकर पुलिस कर्मियों ने उसके जीजा इकरार को बेरहमी से पीटा। उसकी आधे घंटे तक पट्टे से पिटाई लगाई। उससे घर पर फोन कराया। कुछ देर बाद उसे और जीजा को गाड़ी में बैठा लिया। शहर में इधर-उधर घुमाते रहे। शाम को पुलिस ने उन्हें मुक्त कराया।
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