मामले की जानकारी देते पुलिस अधिकारी
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आगरा के थाना मलपुरा के गांव अभयपुरा से आरपीएफ दरोगा और दो सिपाही सहित 5 लोगों ने सोमवार रात को दो युवकों का अपहरण कर लिया। रिश्ते में जीजा-साले इकरार और काजिम के अपहरण के दो घंटे बाद परिजन को व्हाट्सएप पर कॉल करके 4 लाख रुपये की फिरौती मांगी। रकम नहीं देने पर दोनों के साथ अनहोनी की धमकी दी। मंगलवार दोपहर 1 बजे परिजन ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने घेराबंदी करने के बाद 3 घंटे में अपहृत को मुक्त करा लिया। दरोगा सुरेश, सिपाहियों पारुल और नीरज सिंह को रंगेहाथ रुपये लेते हुए गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस उपायुक्त पश्चिमी क्षेत्र सत्यजीत गुप्ता ने बताया कि अभयपुरा निवासी साजिम ने मंगलवार दोपहर को पुलिस को सूचना दी थी। उसने बताया था कि सोमवार रात एक बजे पांच लोग बोलेरो गाड़ी से उनके घर आए थे। उनमें से चार वर्दी पहने हुए थे। घर में तोड़फोड़ की। इसके बाद भाई काजिम और रिश्ते के जीजा इकरार को उठाकर ले गए। एक घंटे के बाद काजिम के मोबाइल से कॉल किया। कहा कि अगर पुलिस को सूचना दी तो दोनों का अंजाम ठीक नहीं होगा। रात तीन बजे व्हाट्सएप कॉल कर चार लाख रुपये की मांग की। नहीं देने पर दोनों के साथ अनहोनी करने की बात कही। उन्होंने बताया कि पीड़ित परिजन डर की वजह से पुलिस के पास नहीं पहुंचे। लेकिन रुपये का इंतजाम नहीं हो सका तो मंगलवार दोपहर में थाना मलपुरा पर सूचना दी।
ऐसे की गई गिरफ्तारी
पुलिस आयुक्त डॉ. प्रीतिंदर सिंह ने अपहृत की बरामदगी के लिए पुलिस उपायुक्त पश्चिमी के निर्देशन में एसीपी अछनेरा, थाना पुलिस और एसओजी टीम को लगाया। पुलिस ने परिजन से फोन कराकर आरोपियों को फिरौती की रकम लेने के लिए बुलाया। आरोपियों ने पहले शहीद नगर में आने के लिए कहा, फिर होटल अमर पर बुलाया। आखिर में मुगल पुलिया पर आने के लिए कहा। इस बीच पुलिस टीम ने घेराबंदी कर ली। साजिम रुपयों से भरा बैग लेकर पहुंचा। पुलिस ने आरोपियों को रुपयों से भरा बैग लेते हुए पकड़ लिया।
आरपीएफ कर्मियों के चालक ने की थी मुखबिरी
आरोपियों में जयपुर निवासी दरोगा सुरेश, पिढ़ौरा के राटोती निवासी पारुल यादव और सिकंदरा के जऊपुरा निवासी नीरज सिंह हैं। उनसे होंडा अमेज कार, फिरौती के 12 हजार रुपये, एक मोबाइल बरामद किया गया है। एक अन्य आरपीएफ कर्मी और चालक फरार हैं। पुलिस की पूछताछ में पता चला कि आरोपी कर्मियों चालक ही लेकर गया था। उसने ही पीड़ितों पर चोरी का आरोप लगाते हुए मुखबिरी की थी। पीड़ित काजिम और इकरार चालक को पहले से नहीं जानते हैं। उनका कोई आपराधिक इतिहास भी नहीं मिला है।
आरोपियों को निलंबित किया
आगरा मंडल रेल प्रबंधक आनंद स्वरूप ने बताया कि आपीएफ कैंट के निरीक्षक, आरोपी दरोगा और दोनों सिपाहियों को निलंबित कर दिया है। आरोपियों के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू करा दी गई है।