हिंदू-मुस्लिमों के बीच प्रेम देखना है तो मथुरा आइये। चाहे अकबर खान हो या फिर साफिया, मुनव्वर या वजीर खान, अकबर हों या इरशाद। यह लोग अधिकमास में दूरदराज से आए कृष्ण भक्तों को गोवर्धन की परिक्रमा लगवा रहे हैं।
कोई आटो रिक्शा से परिक्रमा लगवाता है तो कोई रिक्शा से। खास बात यह है कि परिक्रमा मार्ग के हर पड़ाव की कहानी इन्हें जुबानी याद है। इस बार अधिकमास और रमजान एक दिन के आगे पीछे शुरू हुए हैं।
अधिकमास 16 से शुरू हुआ है तो रमजान 17 से। अधिकमास में मथुरा, गोवर्धन और वृंदावन की परिक्रमा लगाने के लिए हजारों भक्त पहुंच रहे हैं। पुरुषोत्तम मास में ब्रज 84 कोस की परिक्रमा भी चल रही है।