कासगंज। जिला पंचायतराज विभाग ने सचिवों के ग्राम पंचायतों में बैठने के लिए रोस्टर निर्धारित कर दिया है। इसके अनुसार उनको ग्राम पंचायत में बैठकर पंचायतों के कामकाज को निपटाना होगा। लापरवाही बरतने पर कार्रवाई की जाएगी।
जिले में 423 ग्राम पंचायतें हैं, इनमें 92 सचिव कार्यरत हैं। एक सचिव के पास चार या पांच ग्राम पंचायतों की जिम्मेदारी है। सचिव इस कमी का पूरा फायदा उठाते हैं। वे ग्राम पंचायतों में यदा कदा ही पहुंचते हैं, इससे ग्रामीणों को भी काफी दिक्कतें होती हैं। वे अपने कार्य के लिए सचिवों का इंतजार करते रहते हैं। अधिकारियों के निरीक्षण के दौरान ग्राम पंचायत में न मिलने पर दूसरी ग्राम पंचायत में होने का बहाना बना देते हैं।
इसलिए विभाग ने सभी सचिवों के ग्राम पंचायत में बैठने के लिए रोस्टर का निर्धारण कर दिया है। अब उनको अपनी ग्राम पंचायतों में निर्धारित रोस्टर के हिसाब से बैठना होगा।
ग्राम पंचायतों में बैठने के लिए सचिवों का रोस्टर निर्धारित किया गया है। रोस्टर को विकास खंड कार्यालयों पर भी उपलब्ध कराया गया है। यदि कोई सचिव निर्धारित रोस्टर पर अपनी ग्राम पंचायत में नहीं मिलेगा तो कार्रवाई की जाएगी। -शहनाज अंसारी, जिला पंचायतराज अधिकारी।