केमिकल कारोबारी की हत्या के मामले में पुलिस ने डकैती के मास्टरमाइंड कासिम के पिता-भाई और बहनोई को भी गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों के पास से डकैती का माल भी बरामद किया गया है।
आगरा के सुल्तानगंज (हरीपर्वत) में केमिकल कारोबारी दिलीप गुप्ता की हत्या कर डकैती की वारदात के मास्टरमाइंड कासिम को रविवार रात मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया था। सोमवार को पुलिस ने उसके पिता, भाई और बहनोई को गिरफ्तार किया। उन पर कासिम की मदद करने का आरोप है। डकैती में लूटा गया माल अपने पास रखे थे। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार 11500 रुपये और जेवरात बरामद किए हैं।
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पुलिस 50 लाख की डकैती को सही नहीं मान रही है। पुलिस का कहना है कि 45 हजार कैश और कुछ जेवरात लूटे गए थे। इससे परिवार वालों में आक्रोश है। वह पुलिस को झूठा बता रहे हैं। एक अप्रैल को विजय नगर पुलिस चौकी से 100 मीटर की दूरी पर वारदात हुई थी। केमिकल कारोबारी के घर उनके नौकर लोकेश ने डकैती डलवाई थी। कारोबारी की हत्या कर दी गई थी। वारदात में सबसे पहले राजू कुशवाहा पकड़ा गया। इसके बाद रेकी करने वाले ऑटो चालक और रविवार रात को मास्टरमाइंड सराय ख्वाजा का कासिम पकड़ा गया था।
डीसीपी सिटी सूरज राय ने बताया कि लोकेश से कासिम की दोस्ती थी। कासिम ने लोकेश को रुपये उधार दिए थे। वह रुपये वापस मांग रहा था। इस पर लोकेश ने कासिम को अपने सेठ के बारे में बताया था। कहा था कि अच्छा माल मिल जाएगा। कासिम ने पूरी योजना बनाई। छह लोगों ने वारदात की।
कासिम वारदात के बाद अपने घर पहुंचा था। कासिम से पूछताछ में पता चला कि उन्हें डकैती के दौरान 45 हजार रुपये और जेवरात मिले थे। भागते समय जेवरात से भरा एक थैला गिर गया था। कुछ ही जेवरात मिल पाए थे। कासिम पर शाहगंज, मलपुरा में 17 मुकदमे दर्ज हैं। इनमें चोरी के सबसे ज्यादा हैं।