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BJYM महानगर अध्यक्ष पर डकैती का केस: नायब सूबेदार के घर हमले का मामला, क्रिकेट बाल को लेकर शुरू हुआ था विवाद

Mon, 03 Apr 2023 10:36 PM IST
भूपेन्द्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, आगरा

सार

आगरा में कार में क्रिकेट की बाल लगने पर शुरू हुआ बवाल थम नहीं रहा है। पहले एक पक्ष ने एससी-एसटी एक्ट में केस दर्ज कराया। एक सप्ताह बाद दूसरे पक्ष ने केस लिखाया है। इसमें भारतीय जनता युवा मोर्चा के महानगर अध्यक्ष सहित चार पर डकैती और पथराव का आरोप है।

 
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FIR - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश के आगरा में शाहगंज थाना क्षेत्र के आदर्श नगर निवासी फिरोज खान आजाद ने सोमवार को थाना शाहगंज में केस दर्ज कराया है। उन्होंने तहरीर में लिखा कि वह सेना में नायब सूबेदार हैं। जोधपुर में तैनात हैं। दादा स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे। पिता सेवानिवृत्त शिक्षक हैं। छोटे भाई पुलिस और एयरफोर्स में कार्यरत हैं। 25 मार्च को 20-25 लोग वाहनों से आए। घर में घुसकर लूटपाट की। बेटे इरशाद और भाई फरीद को लाठी-डंडों से पीटा। घर पर ईंट फेंकी।

जानकारी होने पर पुलिस आयुक्त से शिकायत की

उन्होंने बताया कि सूचना पर पहुंची पुलिस ने बचाया। चौकी पर भी आरोपी पहुंच गए। पुलिस ने सुनवाई नहीं की। उनके पास घटना का वीडियो भी है। पुलिस ने उलटा उनके खिलाफ ही केस दर्ज कर लिया। पहले उन्हें आरोपियों के बारे में जानकारी नहीं थी। अब जानकारी होने पर पुलिस आयुक्त से शिकायत की। तब मिथलेश मौर्य, गोगा मौर्य, पीयूष मौर्य, शैलू पंडित और अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। 

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शैलू पंडित भारतीय जनता युवा मोर्चा के महानगर अध्यक्ष हैं। एसीपी लोहामंडी गिरीश कुमार ने बताया कि मामले में दोनों पक्षों की ओर से मुकदमे दर्ज कराए गए हैं। विवेचना की जा रही है। साक्ष्य संकलन के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। 

पहले दर्ज हुआ था यह मामला

इससे पहले त्रिवेणी नगर, गढ़ी भदौरिया निवासी मिथलेश मौर्य ने केस दर्ज कराया था। इसमें फरीद खान, इरशाद, गफ्फूर और तीन अज्ञात आरोपी थे। मिथलेश 25 मार्च को परिवार के साथ आदर्श नगर मित्तल हॉस्पिटल गई थीं। उन्हें समधी से मिलना था। उन्होंने अपनी गाड़ी हॉस्पिटल के सामने खड़ी कर दी। तभी वहां खड़े एक युवक ने गाड़ी का शीशा तोड़ दिया। विरोध पर युवकों के साथी आ गए। उन्होंने अभद्रता और गाली गलौज की। जातिसूचक शब्द बोले। बलवा, गाली गलौज, जान से मारने की धमकी, एससी-एसटी एक्ट सहित अन्य धारा में केस दर्ज हुआ।

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