एटा। साथी परिचालक पर पुलिस कार्रवाई के विरोध में शनिवार को रोडवेज के चालक-परिचालकों ने बसों का चक्का जाम कर दिया। चालक-परिचालकों ने वर्कशॉप में बसों को खड़ा कर हंगामा किया। साथ ही कार्रवाई को लेकर निगम अधिकारियों पर तमाम आरोप लगाए। इस दौरान मारहरा के पूर्व विधायक ने धरना प्रर्दशन में शामिल होकर चालक परिचालकों की समस्याएं सुनीं।
दरअसल, शुक्रवार को बस स्टैंड पर बस चलाने को लेकर एक महिला और परिचालक में मारपीट हो गई थी। महिला ने पुलिस को घटना की जानकारी दी। इसके बाद पुलिस बस को अपने साथ कोतवाली ले आई। वहीं महिला के प्रार्थना पत्र पर परिचालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई। शनिवार सुबह जैसे ही यह खबर साथी चालक परिचालकों को लगी, तो उन्होंने डिपो की बसों को वर्कशॉप में खड़ा कर हंगामा शुरू कर दिया। उनका कहना था कि एआरएम 85 फीसदी लोड फैक्टर की बात कहते हैं। अगर लंबी दूरी की सवारी नहीं बैठाएंगे तो फैक्टर नहीं निकल पाएगा। स्टेशन इंचार्ज पर परिचालक के खिलाफ कार्रवाई के लिए महिला को उकसाने का आरोप लगाया। इस दौरान मारहरा पूर्व विधायक अमित गौरव यादव टीटू वर्कशॉप पहुंच गए। उन्होंने चालक परिचालकों से बात की। विधायक ने एआरएम मदनलाल को मौके पर बुलाया और चालक परिचालकों की समस्याओं को लेकर बात की। जहां एआरएम ने सभी समस्याओं से निजात दिलाने का भरोसा दिया। करीब चार घंटे बाद आश्वासन मिलने के बाद चालक परिचालकों ने धरना समाप्त कर दिया।
भटकते रहे यात्री
चक्का जाम के चलते बस स्टैंड पर यात्रियों को दिक्कत का सामना करना पड़ा। चार घंटे तक बसें नहीं मिलने से यात्री भटकते रहे। इस दौरान यात्रियों ने बाहरी जिलों की रोडवेज बसों से यात्रा की। हालांकि शनिवार को चतुर्थी होने के चलते यात्री कम ही रहे। अगर चतुर्थी नहीं होती, तो बड़ी दिक्कत होती।
बस स्टैंड से कर्मचारियों को हटाने की मांग
चालक परिचालकों ने आरोप लगाया कि बस स्टैंड पर तैनात निगम के कर्मचारियों को हटाने की मांग की। उनका कहना था कि जब बस स्टैंड पर यात्रियों से झगड़ा होता है तो स्टेशन के कर्मचारी चालक परिचालकों का साथ न देकर, यात्रियों को कार्रवाई के लिए उकसाते हैं।
एआरएम पर लगाया वसूली का आरोप
चालक परिचालकों ने एआरएम पर वसूली का आरोप लगाया। लोड फैक्टर पूरा न आने पर एआरएम द्वारा रूट से हटा दिया जाता है। जहां दोबारा रूट पर भेजने के बदले पांच हजार रुपये देने पड़ते हैं। नई बस लेने पर चालक व परिचालक को माह में बीस से तीस हजार रुपये तक देने पड़ते हैं।
दलालों का है बोलबाला
चालक परिचालकों ने आरोप लगाया कि एआरएम द्वारा कार्रवाई करने के बाद उनके दलाल चक्कर काटना शुरू कर देते हैं। बस स्टैैंड से वर्कशॉप और एआरएम के कार्यालय तक दलाल लगे रहते हैं। चालकों ने बताया कि यहां एक लीटर डीजल में चार की जगह पांच का एवरेज मांगते है। न देने पर फार्म भरवा कर वसूली की जाती है।
हर काम के फिक्स हैं रेट
चालक परिचालकों की माने तो आगरा रोड स्थिति रोडवेज की कार्यशाला में हर एक काम के रेट फिक्स है। जिसमें नई गाड़ी पर जाने लिए चार हजार, पंचर जुड़वाने को 70 रुपये, ईटीएम को 10 रुपये, वेबिल के 50 रुपये, कमानी बदलने पर 2500 रूपये और साइड का शीशा टूटने पर 750 रुपये वसूल किए जाते हैं।
चालक परिचालक द्वारा जो वसूली का आरोप लगाया गया है, वह बेबुनियाद है। चालक परिचालक अलीगढ़ और खुर्जा से ब्राईपास होकर निकलते हैं। इससे लोड फैक्टर कम आ रहा था। इसमें जब सख्ती की गई तो आरोप लगाने लगे। जिस गाड़ी का लोड फैक्टर कम आता है उसके चालक व परिचालक को दो घंटे वर्कशॉप में बैठाया जाता है। वसूली की बात गलत है। जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
मदनलाल, एआरएम, एटा।
चालक परिचालकों की समस्याएं हैं। भाजपा सरकार में भ्रष्टाचार बढ़ रहा है। चालक-परिचालकों की समस्याएं सुनकर एआरएम से बात की थी। जिसके बाद एआरएम ने आश्वासन दिया है। अगर फिर भी समस्या दूर न हुई, तो आंदोलन किया जाएगा।
अमित गौरव यादव, पूर्व विधायक, मारहरा
निगम अधिकारियों की मनमानी बढ़ रव्ही है। लोड फैक्टर का दबाव और वसूली की जाती है। प्रदर्शन के दौरान एआरएम ने कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। अगर एक सप्ताह के अंदर समस्याएं दूर नहीं हुई, तो फिर से हड़ताल की जाएगी।
आदित्य कुमार, अध्यक्ष, सेंट्रल रीजनल वर्कशॉप कर्मचारी संघ एटा