रक्षाबंधन और बकरीद के त्योहारों पर रोडवेज बसों की कमी खलेगी। इस बार 350 से ज्यादा रोडवेज व अनुबंधित बसें सरेंडर की जा चुकी हैं। रोडवेज के पास महज 645 बसें हैं, इनमें कुछ खराब हालत में वर्कशॉप में भी खड़ी हैं।
ऐसे में हर रूट पर गिनती की बसों का संचालन किया जा रहा है। रक्षाबंधन पर बहनें आसपास के जिलों में भाइयों को राखी बांधने जाएंगी, उन्हें रोडवेज की बस आसानी से नहीं मिल पाएगी।
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कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए रोडवेज की बसों में सोशल डिस्टेंसिंग के साथ यात्रियों का परिवहन करना है। तीन अगस्त को रक्षाबंधन का त्योहार है। इसके लिए दो दिन तक बसों में बहनों की भीड़ उमड़ती है।
रोडवेज प्रबंधन के सामने रक्षाबंधन पर उमड़ने वाली भीड़ को गंतव्य तक पहुंचाने की चुनौती होगी, क्योंकि करीब 645 बसों में रोडवेज की 245 और 105 अनुबंधित बसों को आरटीओ में सरेंडर किया जा चुका है, ताकि इनका टैक्स जमा न करना पड़े। कार्यशालाओं में भी कुछ बसें खराब कंडीशन में खड़ी हैं। रक्षाबंधन पर उमड़ने वाली भीड़ के लिए रोडवेज के पास करीब 250 बसों की ही व्यवस्था है।
कुछ बसों को सरेंडर से वापस लिया जाएगा
लॉकडाउन में हो रहे घाटे से उबरने के लिए 245 रोडवेज और 150 के करीब अनुबंधित बसों को सरेंडर किया गया है। अभी सवारियां इतनी नहीं हैं कि बसों की जरूरत पड़े।
रक्षाबंधन पर अगर लोड फैक्टर बढ़ा तो दूसरे परिक्षेत्रों से बसें मंगवाई जाएंगी। कुछ बसों को सरेंडर से वापस लिया जाएगा। -एसपी सिंह, सेवा प्रबंधक, परिवहन निगम
इन रूटों पर होगी बसों की जरूरत
आगरा से अलीगढ़, हाथरस, सादाबाद
आगरा से फिरोजाबाद, शिकोहाबाद, इटावा
आगरा से मैनपुरी, एटा, फर्रुखाबाद
आगरा से दिल्ली, मथुरा, नोएडा
आगरा से फतेहपुर सीकरी, बाह, किरावली