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Lockdown: दो दिन बाद आई घर जाने वाली बस, प्रवासी श्रमिकों के छलके आए आंसू

Fri, 15 May 2020 12:11 PM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

  • आगरा पहुंचने वाले श्रमिकों का सिलसिला थमा नहीं
  • रोडवेज की 50 बसों से भेजे गए 1500 प्रवासी श्रमिक
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स्क्रीनिंग के बाद श्रमिकों को भेजा गया - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आगरा आईएसबीटी (अंतरराज्यीय बस अड्डे) पर हरियाणा और पंजाब से पैदल चलकर आ रहे प्रवासी श्रमिकों के आगरा पहुंचने का सिलसिला बंद नहीं हुआ है। दो दिन बाद घर जाने के लिए बस मिली तो प्रवासी श्रमिकों के आंसू छलक आए। गुरुवार को भी डेढ़ हजार श्रमिकों को 50 बसों से पूर्वी उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में भेजा गया। इस दौरान खाने के पैकेट भी बंटवाए गए। 
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प्रवासी मजदूरों का पलायन अभी थमा नहीं है। दो दिन तक रोडवेज की बसें सीमित संख्या में चलीं, इस कारण मजदूरों ने बस अड्डे के नजदीक ही पेड़ों के नीचे डेरा डाल दिया। कुछ श्रमिक परिवार तीन दिन से यहां जमे हुए थे। गुरुवार को भी हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, राजस्थान के 500 से ज्यादा श्रमिक आईएसबीटी पर पहुंच गए। इसके बाद प्रशासनिक अधिकारी भी आईएसबीटी पहुंचे। यहां 50 बसों को शाम तक रवाना किया गया। 

इन बसों में गोरखपुर, सुल्तानपुर, आजमगढ़, बांदा, बस्ती, इलाहाबाद, वाराणसी आदि जिलों के श्रमिकों को भेजा गया। इसके पहले श्रमिकों की थर्मल स्क्रीनिंग की गई और उन्हें भोजन के पैकेट भी वितरित किए गए। आईएसबीटी पर सेवा प्रबंधक एसपी सिंह ने श्रमिकों को पानी की व्यवस्था करवाई। दो दिन से आईएसबीटी के पास बैठे श्रमिकों के लिए आजमगढ़ को जाने वाली बस मिलीं तो सोमवती की आंखों से आंसू छलक आए। बच्चे भी रोने लगे। 
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दो महीने काट लिए, अब घर जाएंगे

गोरखपुर के पांच श्रमिकों के परिवार आईएसबीटी के बाहर बैठे थे। उनका कहना था कि दो दिन से गोरखपुर जाने के लिए बस का इंतजार कर रहे हैं। हरियाणा में काम करते थे। दो महीने काट लिए, लेकिन कब तक किराये के घर में रह सकते हैं, जबकि पैसा नहीं बचा है। पैदल और ट्रकों की मदद से यहां तक पहुंचे हैं। इनमें बेलाराम, रामभरोसी, बिरजा देवी आदि शामिल हैं। 

100 बसें लखनऊ व जौनपुर भेजीं

आगरा परिक्षेत्र से 50 बसों को जौनपुर और 50 बसों को लखनऊ भेजा गया है। सेवा प्रबंधक एसपी सिंह ने बताया कि पलायन करके आ रहे श्रमिकों को लाने के लिए शासन से एक सौ बसों की डिमांड आई थी। इन बसों को सुबह से ही सैनिटाइज कराने के बाद खाली ही भेजा गया है। 
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