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Etah: डग्गामारों पर अंकुश लगते ही फूलीं रोडवेज की सांसें, घंटों करना पड़ रहा इंतजार 

Fri, 27 May 2022 12:10 AM IST
धीरेन्द्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, एटा

सार

शासन के आदेश के बाद जिले में चलने वाले डग्गेमार वाहनों पर कार्रवाई होने के बाद अब यातायात के साधन कम पड़ने लगे हैं। आलम ये है कि रोडवेज की बसें भी इन यात्रियों के लिए कम पड़ रही हैं।

 
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बसों का इंतजार करते यात्री - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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एटा में शासन के आदेश पर डग्गामार वाहनों पर काफी हद तक अंकुश तो लगा दिया गया है, लेकिन इससे रोडवेज की सांसें फूल रहीं हैं। प्रतिदिन करीब पांच हजार यात्री बढ़ गए हैं, जबकि बसें सीमित हैं। ऐसे में निगम सभी यात्रियों को सेवा नहीं दे पा रहा है। उनको बसों की कमी से जूझते हुए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। 

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 कुल 104 बसें हैं रोडवेज के पास 

परिवहन निगम के पास एटा डिपो में कुल 104 बसें हैं, जबकि 46 बसें अनुबंधित हैं। बस स्टैंड के बाहर एक सप्ताह पहले तक प्राइवेट बसों का जमावड़ा रहता था। बसों में सीट के लिए यात्रियों में मारामारी नहीं होती थी, लेकिन एक सप्ताह से प्राइवेट और डग्गामार बसों व अन्य वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की गई तो यात्रियों का रुख परिवहन निगम की ओर हो गया। सात दिन पहले तक करीब 17 हजार यात्री प्रतिदिन डिपो की बसों में जाते थे, अब 22 हजार लोग यात्रा कर रहे हैं। 

जयपुर के लिए नहीं कोई बस

प्राइवेट बसें यात्रियों को लेकर जयपुर व अजमेर तक जाती थीं। अब प्राइवेट बसें नहीं जा रही हैं। निगम की बसों के पास जयपुर व अजमेर का परमिट नहीं है। ऐसे में वहां जाने वाले यात्री भटकते रहते हैं। उन्हें अब आगरा के लिए जाना पड़ रहा है। 


दिल्ली रूट पर बढ़ी यात्रियों की संख्या

अभी तक डबल डेकर बसों सहित अन्य प्राइवेट बसों से यात्री दिल्ली के लिए निकल जाते थे। रोडवेज बस स्टैंड के बाहर से यात्रियों को ये बसें बैठा लेती थीं। अब यह बसें निकलना बंद हो गईं तो दिल्ली रूट पर यात्रियों की संख्या बढ़ गई है। जबकि निगम के संसाधनों में कोई इजाफा नहीं हुआ है। 

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आंकड़ों पर एक नजर 

निगम की कुल बसें- 104
अनुबंधित बसें- 46
वर्कशॉप में खराब खड़ी बसें- 25
 
दिनांक         यात्री 
20 मई   20985
21 मई         20283
22 मई      21485
23 मई   22789
24 मई   21985
25 मई       22461

सुविधा का रखा जा रहा ध्यान 

एआरएम राजेश यादव ने बताया कि डग्गामार बसें बंद होने से यात्रियों की संख्या में इजाफा हुआ है। उनकी जरूरत और सुविधा का ध्यान रखा जा रहा है। जिस रूट के यात्री अधिक होते हैं, वहां के लिए बसों को दौड़ाया जा रहा है।  

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