उत्तर प्रदेश के आगरा में बुधवार की आधी रात शुरू होकर तड़के पहर तक हुई जोरदार बारिश ने सड़कों पर सैलाब ला दिया। नजारा किसी बाढ़ प्रभावित क्षेत्र की तरह दिखा... जहां तक नजर गई, वहां तक पानी ही पानी नजर आया। रात की बारिश का पानी तो सुबह तक उतर गया, लेकिन शाम को हुई बारिश में ऑफिस से लौटने वाले लोग फंस गए। हाईवे से लेकर शहर की सड़कों, गलियां तक पानी में डूब गईं। इसके कारण जाम भी लग गया, इसमें तीन से चार घंटे तक लोग जूझते रहे।
जुलाई और अगस्त में मानसून के बादल ज्यादा बरसे, लेकिन बुधवार को जिस तूफानी हवा और बिजली कड़कने के बीच रात में बारिश हुई, वैसा अनुभव कई सालों के बाद लोगों को हुआ। रात एक बजे हुई बारिश में हाईवे से लेकर गलियों तक में पानी भर गया, लेकिन सुबह स्कूल जाने से पहले तक ज्यादातर जगहों से पानी पांच से छह घंटों में उतर गया। शाम को 4 बजे फिर से तेज बारिश हुई, जिसमें पूरा शहर जलभराव का शिकार हुआ।
विज्ञापन
2 of 7
सड़क भरे पानी को बचाकर निकलते बच्चे
- फोटो : संवाद
खेरिया मोड़, अर्जुन नगर, अजीत नगर, ईदगाह, धनौली रोड, जगनेर रोड, शाहगंज फाटक, रूई की मंडी, आवास विकास कॉलोनी, मारुति एस्टेट, राजा मंडी, दयालबाग, ट्रांसयमुना कॉलोनी, बल्केश्वर, टेढी बगिया, फतेहाबाद रोड, एत्माद्दौला, ताजनगरी, वीआईपी रोड, बिजलीघर चौराहा, सूरसदन, कैलाशपुरी, सहित दो दर्जन से अधिक इलाके यानि लगभग पूरा शहर पानी-पानी नजर आय़ा।
विज्ञापन
3 of 7
ताजनगरी की सड़कों में सैलाब; जहां तक गई नजर...पानी ही पानी
- फोटो : संवाद
बिजलीघर, राजामंडी, दयालबाग, आवास विकास कॉलोनी में तो दुकानें पानी में डूब गई। बिजलीघर चौराहे पर शिवाजी मार्केट, रोशन मोहल्ला, काजीपाड़ा की ओर की दुकानों में चार फुट तक पानी भर गया। इससे काउंटर तक डूब गए। जबकि दो पहिया वाहन पूरी तरह से पानी में डूबे नजर आए।
4 of 7
ताजनगरी की सड़कों में पानी का सैलाब; सड़कों पर बाइक तो दुकानों में काउंटर डूबे
- फोटो : संवाद
पार्षद रवि माथुर ने बताया कि दुकानों में कीचड़ भर गया है। इसे टीम बुलाकर साफ कराया। दुकानदारों का लाखों रुपये का माल पानी भरने से बर्बाद हो गया।
विज्ञापन
5 of 7
ताजनगरी की सड़कों में सैलाब; जहां तक गई नजर...पानी ही पानी
- फोटो : संवाद
सुभाष नगर की बीना देवी बताती हैं कि रात में जब बारिश हुई तो घर में पानी भर गया। सुबह उठते ही पूरा परिवार पानी निकालने में लग गया।
विज्ञापन
6 of 7
बारिश के बाद स्कूल में भरा पानी
- फोटो : संवाद
प्रताप नगर के प्रदीप डेंबला ने कहा कि नालों की सफाई न होने के कारण पहली बार पानी उतरने में वक्त लगा। इतना तेज पानी पहली बार देखा। नगर निगम को पंप लगाने चाहिए थे। दुकानों में पानी भरने से नुकसान हुआ है।
वहीं इस पर नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल का कहना है कि हमने बारिश होने के बाद अपनी टीमों को रवाना कर दिया था। जिन जगहों पर जलभराव की शिकायतें आईं, वहां पंप लगवाए गए। जबकि कई जगह सक्शन पंप लगाए गए हैं। जालियों पर कचरा जमा होने के कारण पानी रुका था। वहां सफाई कर्मचारियों की क्यूआरटी भेजकर सफाई कराई गई। तेज बारिश होने के कारण भरा, जो बाद में उतर गया।