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आगरा में कोरोना: कुरगवां गांव के रास्तों को किया सील, मुनादी कर कराई गई ग्रामीणों की जांच

Sat, 15 May 2021 12:18 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

बरहन के कुरगवां गांव में 20 दिन के भीतर 13 लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद गांववालों की जांच की गई, तो 27 लोग संक्रमित मिले थे। 
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कुरगवां के रास्ते पर पुलिस ने की बैरिकेडिंग - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आगरा जिले में कोरोना संक्रमण फैलने के मद्देनजर गुरुवार को प्रशासन ने कुरगवां गांव के सभी मुख्य रास्तों पर बैरियर लगाकर सील कर दिया। साथ ही स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मुनादी कराकर ग्रामीणों की जांच कराई। इसमें एक व्यक्ति के पॉजिटिव मिला। जबकि गांव में पहले 27 लोग पॉजिटिव मिले थे। इनमें 14 लोग स्कूल में रहकर उपचार करा रहे थे, जिन्हें बुधवार को स्कूल से निकाल दिया गया था। वे भी अब घर या बागों में ही हैं। 

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बरहन के कुरगवां गांव में 20 दिन के भीतर 13 लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद गांववालों की जांच की गई, तो 27 लोग संक्रमित मिले थे। जिनमें से 14 लोग स्कूल में आइसोलेट थे। इस बीच रविवार को कुरगवां पहुंचे मुख्य विकास धिकारी ए मानिकन्डन ने गांव को सील करने के निर्देश दिए थे। पर, गुरुवार को चार दिन बाद गांव के मुख्य मार्गों पर बैरियर लगाकर इसे सील किया गया। 

बैरियरों पर पुलिसकर्मी भी लगाए गए हैं।  सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एत्मादपुर के अधीक्षक डॉ. राजवीर सिंह ने बताया कि बृहस्पतिवार को टीम ने पहुंचकर मुनादी कराकर ग्रामीणों की जांच की। मुनादी के बाद भी सिर्फ 24 लोग जांच के लिए पहुंचे। इनमें से एक व्यक्ति संक्रमित मिला। जिसे दवा की किट देकर घर में आइसोलेट कर दिया गया है।

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विद्यालय से निकाले गए मरीज वापस नहीं लौटे  
प्राथमिक विद्यालय में आइसोलेट रहकर गांव के 14 लोग उपचार करा रहे थे। गांव के ही वॉलेंटियर उनकी देखभाल में लगे थे। विधायक राम प्रताप चौहान, पूर्व विधायक डॉ. धर्मपाल सिंह सहित अनेक समाजसेवियों ने पीपी किट, थर्मामीटर , ऑक्सीमीटर, ऑक्सीजन सिलिंडर आदि उपलब्ध कराया था। पर, बुधवार को जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग ने मरीजों की रिपोर्ट निगेटिव बताकर पुलिस के सहयोग से सभी को घर भेजा। परिजनों ने उन्हें घर नहीं आने दिया, तो वे स्कूल लौटे। जहां ताला लटकता मिला। 

इस पर वे गांव में ही घूमने लगे। सूचना पर स्वास्थ्य विभाग की टीम एंबुलेंस लेकर पहुंची, तो ग्रामीणों ने आगरा जाकर इलाज कराने से मना कर दिया था। शाम को मुख्य चिकित्साधिकारी ने सभी को स्कूल में ही आइसोलेट रहने के लिए कहा। पर, आगरा भेजे जाने के भय से मरीज स्कूल नहीं लौटे। इन 14 मरीजों की दूसरे दिन भी प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग ने कोई सुधि नहीं ली। 
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किसी मरीज को नहीं होगी परेशानी- विधायक
विधायक एत्मादपुर राम प्रताप सिंह चौहान ने बताया कि किसी मरीज को कोई परेशानी नहीं होने दी जाएगी। मरीज अपनी सुविधा के अनुसार घर अथवा अस्पताल में रहकर उपचार करा सकते हैं। कुरगवां के मामले में लगातार अधिकारियों के संपर्क में हूं। 
 
मरीजों की जान से हो रही खिलवाड़: पूर्व विधायक
पूर्व विधायक डॉ. धर्मपाल सिंह ने कहा कि प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग मरीजों के जीवन से खिलवाड़ कर रहा है। संक्रमित मरीज घर अथवा बाग में छिपे हैं। इससे संक्रमण फैलने की संभावना  है। बुधवार को बगैर जांच स्वास्थ्य विभाग ने मरीजों को कैसे निगेटिव बता दिया। इसकी जांच होनी चाहिए।
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