विद्यालय से निकाले गए मरीज वापस नहीं लौटे
प्राथमिक विद्यालय में आइसोलेट रहकर गांव के 14 लोग उपचार करा रहे थे। गांव के ही वॉलेंटियर उनकी देखभाल में लगे थे। विधायक राम प्रताप चौहान, पूर्व विधायक डॉ. धर्मपाल सिंह सहित अनेक समाजसेवियों ने पीपी किट, थर्मामीटर , ऑक्सीमीटर, ऑक्सीजन सिलिंडर आदि उपलब्ध कराया था। पर, बुधवार को जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग ने मरीजों की रिपोर्ट निगेटिव बताकर पुलिस के सहयोग से सभी को घर भेजा। परिजनों ने उन्हें घर नहीं आने दिया, तो वे स्कूल लौटे। जहां ताला लटकता मिला।
इस पर वे गांव में ही घूमने लगे। सूचना पर स्वास्थ्य विभाग की टीम एंबुलेंस लेकर पहुंची, तो ग्रामीणों ने आगरा जाकर इलाज कराने से मना कर दिया था। शाम को मुख्य चिकित्साधिकारी ने सभी को स्कूल में ही आइसोलेट रहने के लिए कहा। पर, आगरा भेजे जाने के भय से मरीज स्कूल नहीं लौटे। इन 14 मरीजों की दूसरे दिन भी प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग ने कोई सुधि नहीं ली।
किसी मरीज को नहीं होगी परेशानी- विधायक
विधायक एत्मादपुर राम प्रताप सिंह चौहान ने बताया कि किसी मरीज को कोई परेशानी नहीं होने दी जाएगी। मरीज अपनी सुविधा के अनुसार घर अथवा अस्पताल में रहकर उपचार करा सकते हैं। कुरगवां के मामले में लगातार अधिकारियों के संपर्क में हूं।
मरीजों की जान से हो रही खिलवाड़: पूर्व विधायक
पूर्व विधायक डॉ. धर्मपाल सिंह ने कहा कि प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग मरीजों के जीवन से खिलवाड़ कर रहा है। संक्रमित मरीज घर अथवा बाग में छिपे हैं। इससे संक्रमण फैलने की संभावना है। बुधवार को बगैर जांच स्वास्थ्य विभाग ने मरीजों को कैसे निगेटिव बता दिया। इसकी जांच होनी चाहिए।