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कैनाल रूट बाईपास- काली नदी पुल का प्रस्ताव अभी तक नहीं स्वीकृत, तीन अन्य पुल भी अधूरे

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कासगंज। जिले की महत्वपूर्ण कैनालरूट बाईपास योजना सड़क निर्माण के लिहाज से तो पूरी है, लेकिन इस बाईपास परियोजना में सेतु निगम की सुस्त रफ्तार आड़े आ रही है। इस परियोजना से जुड़ा काली नदी पर बनने वाला पुल का प्रस्ताव अभी तक स्वीकृत नहीं है। जिसके कारण इसके निर्माण में काफी समय लग सकता है। शेष अन्य तीन पुल का निर्माण भी अभी अधूरा है। यह पुल सड़क से नहीं जुड़ पाए हैं।
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कैनाल रूट बाईपास के निर्माण की प्रगति को जब लाइव देखा तो कई खामियां नजर आईं। बाईपास सड़क का निर्माण करने वाली कंस्ट्रक्चर कंपनी ने इस 18 किलोमीटर लंबे मार्ग में करीब 15 किलोमीटर तक डाबर सड़क का काम पूरा कर लिया है। जिस पर वाहन फर्राटा भर रहे हैं, लेकिन सड़क की पटरियां अभी तक तैयार नहीं हुई है जिससे दुर्घटनाओं का अंदेशा बना हुआ है। सड़क पर कुल 5 किलोमीटर के हिस्से में ही सफेद पट्टियां डाली गई हैं। शेष सड़क बिना सफेद पट्टी के है। भगवंतपुर गढ़ी पर नहर पर बने पुल तो बन चुके हैं, लेकिन अभी तक यह पुल एप्रोच रोड न होने के कारण सड़क से नहीं जुड़ पाए हैं। यहंा ट्रैफिक पुराने पुल से होकर ही गुजर रहा है। झाल के पुल के समीप निर्माणाधीन पुल भी सड़क के एलाइनमेंट से काफी ऊंचा बनाया गया है। जिससे सड़क से यह पुल अभी तक नहीं जुड़ पाया है। पुलों की सड़क से कनेक्टीविटी न होने के कारण वाहन चालकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि यह बाईपास अभी अधूरा है, लेकिन सड़क बन जाने के कारण वाहन यहां फर्राटा भर रहे हैं।
पुल न बनने से झाल के पुल का हो रहा प्रयोग
कासगंज। हजारा नहर के पास से झाल के पुल तक एप्रोच रोड बन चुका है। जिसके कारण वाहन चालक एप्रोच रोड का इस्तेमाल करके झाल के पुल पर होकर आगे बढ़ रहे हैं। जिससे झाल के पुल से होकर ट्रैफिक गुजर रहा है। झाल के पुल पर वाहनों का दबाव बढ़ रहा है।
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