आगरा। 20वें अधिवेशन में पार्षदों ने टोरंट पावर द्वारा नई सड़कों की खोदाई और जिओ फाइबर के तार झूलने पर हंगामा किया। इसके बाद नगर निगम सदन ने अधिकारियों और पार्षदों की कमेटी बनाई है जो दोनों मामलों में जांच करेगी तथा जुर्माना लगाएगी। रोड कटिंग पर तय हुआ कि खोदाई करने पर सड़क का पूरा पैसा नगर निगम जमा कराएगा। कंपनी से मरम्मत नहीं कराई जाएगी, बल्कि नगर निगम ही सड़क के मानक मुताबिक मरम्मत कराएगा।
बसपा पार्षद मनोज कुमार सोनी ने टोरंट द्वारा गलियों में खोदाई करने और मरम्मत न करने से सड़कों के क्षतिग्रस्त होने की शिकायत की। फ्रीगंज, कृष्णा बाग, करकुंज, अरविंद पुरम, आवास विकास समेत अन्य जगहों के पार्षदों ने उनकी बात का समर्थन किया। इस पर बसपा पार्षद धर्मवीर सिंह ने कहा कि करोड़ों की सड़कें टोरंट ने खोदकर बर्बाद कर दीं हैं।
इस मामले पर मेयर ने एक प्रस्ताव तैयार कराया जिसमें तय हुआ कि अब चाहे टोरंट पावर हो, जिओ कंपनी, ग्रीन गैस या अन्य कोई कंपनी, अब खोदाई की अनुमति बोर्ड से मिलेगी। कोई इंजीनियर खोदाई के बड़े आवेदन मंजूर नहीं करेगा। कंपनियों से रोड कटिंग का पैसा जमा कराया जाएगा और मरम्मत कार्य नगर निगम कराएगा।
आरोप: बीएसएनएल का बोर्ड, काम कर रहा जिओ
पार्षद फौरन सिंह ने कहा कि बीएसएनएल का बोर्ड लगाकर जिओ कंपनी पोल लगा रही है, ताकि लोग भ्रमित हों और बीएसएनएल का काम समझें। रवि शर्मा ने कहा कि शहर में जिओ और एयरटेल के साथ अन्य कंपनियां इंटरनेट सेवाओं के लिए पोल लगा रही हैं। किसने अनुमति दी और कितने पोल लग रहे। उनके सवाल पर मुख्य अभियंता बीएल गुप्ता ने बताया कि 3500 पोल की अनुमति पूर्व मुख्य अभियंता एके सिंह ने दी थी। इस पर मेयर ने कहा कि जिओ को किस प्रावधान के तहत अनुमति दी गई, एक्ट में इसे चेक किया जाए और भविष्य में एक-एक इंच जमीन पर किसी काम की अनुमति बोर्ड देगा। चीफ इंजीनियर कोई अनुमति नहीं देंगे।
नगर आयुक्त ने जांच कमेटी की सिफारिश की
पार्षदों द्वारा टोरंट पावर की खोदाई और जिओ फाइबर की शिकायतें की तो नगर आयुक्त ने सदन में कहा कि शहर के 5 वार्डों को चुनकर वहां पोल लगाने की जांच की जाए कि कागजों में कंपनी ने कितने पोल बताए और मौके पर कितने हैं। पार्षदों के साथ कमेटी बनाकर जांच होगी तो हकीकत सामने आ जाएगी। मेयर ने इस पर सहमति दी।