आवास विकास कॉलोनी में सेंट्रल पार्क रोड दो माह पहले ही 3.50 करोड़ रुपये की लागत से बनाई गई। नए फुटपाथ, इंटरलॉकिंग टाइल्स और नई सड़क का निर्माण किया गया, लेकिन महज दो महीने के बाद ही जलनिगम ने पानी की लाइन की जांच के लिए इसे फिर से खोद दिया। सेंट्रल पार्क से लेकर दहतोरा मोड़ के बीच 5 जगह से नई सड़क खोदी जा चुकी है।
नगर निगम ने पुलिस चौकी से दहतोरा मोड़ के बीच साढ़े तीन करोड़ रुपये की लागत से सड़क, फुटपाथ और इंटरलॉकिंग कार्य के जरिए सौंदर्यीकरण कराया। जून में यह काम पूरा हुआ और अगस्त में रात के अंधेरे में जलनिगम के ठेकेदार ने 3.50 करोड़ रुपये के काम को खोदकर बर्बाद कर दिया। इससे क्षेत्रीय लोगों में आक्रोश है।
सेंट्रल पार्क के सामने रहने वाले महेश कुमार ने बताया कि रात में नई सड़क की खोदाई को रोकने गए, पर उन्होंने नगर निगम के इंजीनियर की अनुमति बताकर हमें भगा दिया। निगम के इंजीनियर खोदाई की शिकायतों को सुनते ही नहीं है, न मौके पर आते हैं।
पांच माह में पांचवीं बार खोद दी सड़क
जलनिगम की विश्व बैंक इकाई ने मारुति एस्टेट से अवधपुरी के बीच पानी की पाइपलाइन 100 फुटा रोड के दोनों साइड में बिछाई है। सिंपकिंस स्कूल के गेट के सामने जलनिगम ने वाल्व लगाने के लिए पांच माह में पांचवीं बार सड़क खोद दी। तीन दिन से मारुति एस्टेट रोड से अवधपुरी जाने वाली रोड यातायात के लिए बंद है। सिंपकिंस स्कूल आने वाले बच्चे और अभिभावक परेशान हैं। स्कूल की छुट्टी के बाद यहां दूसरी लेन पर जाम लग रहा है। उल्टी दिशा से वाहन आने के कारण स्कूली बच्चे हादसों का शिकार हो रहे हैं। जलनिगम के इंजीनियरों के मुताबिक यहां वाल्व लगाया जा रहा है। पूर्व में अन्य पाइपों पर वाल्व लगाए गए थे, तब यह वाल्व छूट गया था।
बारिश में खुदाई की नहीं है अनुमति
चीफ इंजीनियर बीएल गुप्ता ने बताया कि मानसून में हमने खुदाई की सभी अनुमतियों को निरस्त कर दिया है। जो ठेकेदार ऐसा कर रहे हैं, यह उनकी जिम्मेदारी है। जो सड़कें खोदी जा रही हैं, वहां इंजीनियरों से जांच करा लेंगे।
सड़कें कर दी बर्बाद
पार्षद सुषमा जैन ने बताया कि नगर निगम के इंजीनियर गलत ढंग से खोदाई की अनुमतियां जारी कर रहे हैं। चीफ इंजीनियर का पत्र कई कंपनियां दिखा रही हैं। पूरे क्षेत्र की सड़कों को बर्बाद कर दिया है।