कोहरा, धुंध और गड्ढों से सड़क हादसे बढ़ गए हैं। इसके चलते एसएन मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में संचालित ट्राॅमा सेंटर में मरीजों की संख्या दोगुना हो गई है। इनमें ब्रेन हेमरेज के साथ मल्टीपल फ्रैक्चर मिल रहे हैं। इनमें 70 फीसदी मरीज युवा हैं।
ट्राॅमा सेंटर प्रभारी डॉ. बृजेश शर्मा ने बताया कि रोजाना 20-25 मरीज सेंटर में भर्ती हो रहे हैं। इसमें 20 फीसदी के एक से अधिक फ्रैक्चर मिल रहे हैं। 8-10 मरीजों के सिर में चोट के हैं। 6-10 मरीजों के पैर, कूल्हे, कंधे और हाथ में फ्रैक्चर मिल रहे हैं। 5-10 मरीज ऐसे हैं, जिनके सिर के अलावा हाथ-पैरों में फ्रैक्चर हैं। इनमें से 65-70 की उम्र 25 से 40 साल है। न्यूरोसर्जरी विभाग के डॉ. मयंक अग्रवाल ने बताया कि कोहरे-धुंध के कारण ब्रेन इंजरी के मरीजों की संख्या दोगुना तक हाे गई है। इसमें ब्रेन हेमरेज, रीढ़ की हड्डी में चोट के ज्यादा मरीज होते हैं। 40 फीसदी की सिर की चोट गंभीर मिल रही है। 20 से 40 की उम्र के मरीजों की संख्या 70 फीसदी तक है।
इन बातों का रखें ध्यान:-
- देर रात खासतौर से तीन बजे से सुबह आठ बजे तक यात्रा से बचें।
- कोहरे में वाहनों की गति सीमित रखें, आगे चलने वाले वाहन से दूरी रखें।
- अचानक ब्रेक लगाने, तेज मोड़ने और ओवरटेक करने से बचें।
- लो बीम हेडलाइट या फॉग लाइट उपयोग करें, हाईबीम लाइट से बचें।
- हेड-टेल लाइट और ब्रेक लाइट चालू रखें, नशा, नींद में वाहन न चलाएं।
- वाहनों को हाईवे पर न रोकें, किनारे कुछ दूरी पर खड़ा कर चेतावनी वाला रिफलेक्टर त्रिकोण लगाएं।
- दुपहिया वाहन अच्छी गुणवत्ता का हेलमेट और चारपहिया वाहन सीट बेल्ट जरूर लगाकर चलें।