उत्तर प्रदेश के आगरा जिले के कलेक्ट्रेट में मंगलवार को धरना-प्रदर्शन करने पहुंचे जिलाध्यक्ष और जिला प्रभारी आपस में भिड़ गए। दोनों के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। राष्ट्रीय प्रवक्ता ने हस्तक्षेप कर दोनों पक्षों को शांत कराया। इसके बाद दोनों गुटों ने किसानों की समस्याओं को लेकर अलग-अलग ज्ञापन दिए।
छुट्टा पशुओं से निजात, फसलों के उचित मूल्य और गन्ना किसानों के भुगतान की मांग को लेकर विगत एक महीने से रालोद किसान संदेश यात्रा निकाल रहा है। 75 जिलों से करीब चार लाख पोस्ट कार्ड मुख्यमंत्री के नाम भेजे गए हैं। इसी कड़ी में मंगलवार को कलेक्ट्रेट में धरना-प्रदर्शन होना था। इस दौरान जिलाध्यक्ष महेश जाटव और जिला प्रभारी मुकेश डागुर के बीच नोकझोंक हो गई।
साथ आने के लिए कहा तो वह नहीं आए
जिला प्रभारी मुकेश डागुर का कहना है कि जिलाध्यक्ष दूर खड़े हुए थे। उन्हें साथ आने के लिए कहा तो वह नहीं आए। इस बात पर कहासुनी हुई थी। वहीं, जिलाध्यक्ष महेश जाटव का कहना है कि इस मामले में राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चौधरी को अवगत कराया जाएगा। कहासुनी के बाद दोनों गुटों ने अलग-अलग ज्ञापन दिए।
इस मौके पर यह लोग मौजूद रहे
इस दौरान राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन आगरी, मयंक खिरवार, भगवान सिंह, संजय फौजदार, राकेश सोलंकी, अमर सिंह, गोपाल बघेल, उदघोष राना, शहर अध्यक्ष दुर्गेश शुक्ला, बच्चू सिंह भगौर, नेत्रपाल सिंह, रामवीर सिंह, सुधीर कुलश्रेष्ठ, गजेंद्र इंदौलिया, कप्तान सिंह जाटव आदि मौजूद रहे।