फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अखिलेश-मायावती से पहले अजित सिंह ने किया बड़ा एलान, सीटों पर फंस सकता है पेंच

Fri, 11 Jan 2019 10:46 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
विज्ञापन
अखिलेश यादव, मायावती और अजित सिंह
विज्ञापन
लोकसभा चुनाव से पहले उत्तर प्रदेश में गठजोड़ की राजनीति चरम पर है। शनिवार को लखनऊ में समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के गठबंधन का औपचारिक एलान हो सकता है। उससे पहले प्रदेश की राजनीति से संबंधित एक बड़ी खबर मथुरा से आई। 
विज्ञापन


अखिलेश यादव और मायावती से पहले राष्ट्रीय लोकदल के प्रमुख अजित सिंह ने शुक्रवार मीडिया से बात की। मथुरा के गोवर्धन पैलेस में मीडिया से बात करते हुए अजित सिंह ने महागठबंधन के साथ चुनाव लड़ने की बात कही। हालांकि जब सीटों के बंटवारे पर सवाल किया गया तो वो टाल गए।

मीडिया में आ रही खबरों के मुताबिक अजित सिंह की पार्टी महागठबंधन में चार सीटों की मांग कर रही है, लेकिन सपा-बसपा रालोद को तीन सीट देने ही पर राजी है। इनमें मथुरा सीट रालोद के खाते में पक्की मानी जा रही है। बाकी सीटों पर संशय बना हुआ है। 
विज्ञापन

जयंत मथुरा से रह चुके हैं सांसद

मथुरा लोकसभा सीट जाट बाहुल्य है। यहां से अजित सिंह के पुत्र रालोद उपाध्यक्ष जयंत सिंह सांसद भी रह चुके हैं। मथुरा में रालोद का अच्छा खासा वोट बैंक माना जाता है।
प्रेस वार्ता में रालोद मुखिया चौधरी अजित सिंह ने भाजपा पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने मोदी सरकार को किसानों को बर्बाद करने वाली सरकार करार दिया। महागठबंधन की सरकार केंद्र में बनी तो किसानों को कर्जा माफ किया जाएगा।  

रालोद मुखिया ने सीबीआई और आरबीआई की अवमानना पर मोदी सरकार को कोसते हुए महत्व को खत्म करना बताया। गरीब सवर्णों को आरक्षण पर सहमत दिखे रालोद मुखिया ने गरीबी सीमा तय करने की वकालत की। 

रालोद मुखिया ने कहा कि भाजपा की नफरत की राजनीति के खिलाफ मुजफ्फरनगर से भाईचारा बढ़ाने की मुहिम शुरू करते हुए अब तक 12 जनपदों में वह गए हैं। भारी समर्थन लोगों का मिल रहा है। भाईचारा बढ़ाकर भाजपा को हराएंगें। 
विज्ञापन

रैली कर दिखाई ताकत

प्रेसवार्ता करते रालोद मुखिया अजित सिंह साथ में पार्टी पदाधिकारी - फोटो : अमर उजाला
रालोद मुखिया ने गुरुवार को कोसीकलां में जनसंवाद रैली कर अपनी ताकत का एहसास कराया। रैली में उमड़ी भीड़ से अजित सिंह भी गदगद हैं। माना जा रहा है कि वो गठबंधन में सीटों को लेकर समझौता करने के मूड में नहीं है।  
  
बता दें कि सपा और बसपा की गठबंधन की खबरों पर शनिवार को विराम लग सकता है। लखनऊ में दोनों पार्टियों के अध्यक्ष गठबंधन का औपचारिक एलान कर सकते हैं। फिलहाल अब सबकी निगाहें इस प्रेस कॉन्फ्रेंस पर हैं। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें