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शंखनाद और पूजन के साथ शुरू हुई आव गंगा की खोदाई

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मैनपुरी/करहल। दुर्गा अष्टमी पर शुक्रवार को अवा गंगा नदी की खोदाई का शुभारंभ मुख्य विकास अधिकारी ईशा प्रिया ने किया। विधि-विधान से पूजन के बाद उन्होंने फावड़ा चलाकर खोदाई की शुरुआत की। पहले दिन 51 मनरेगा श्रमिकों ने खोदाई कार्य किया। अब एक साथ गांवों में नदी की खोदाई का काम होगा।
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विलुप्त हो चुकी अवा गंगा नदी को पुनर्जीवन देने के लिए बरनाहल के गांव भिड़ौरा में मुख्य विकास अधिकारी ईशा प्रिया ने विधि-विधान से पूजन कराने के बाद नारियल तोड़कर खोदाई की शुरुआत की। उप जिलाधिकारी करहल रतन वर्मा ने शंख बजाया तो, वहीं सीडीओ ने फावड़ा थामकर नदी की खोदाई का काम शुरू किया। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण के लिए अवा गंगा नदी का अस्तित्व में आना जरूरी है। इसके लिए जिला प्रशासन हर संभव कार्य करेगा।यहां भाजपा जिलाध्यक्ष प्रदीप चौहान, परियोजना निदेशक सुरेश चंद्र मिश्रा, खंड विकास अधिकारी बरनाहल धीरेंद्र कुमार और खंड विकास अधिकारी करहल रामप्रसाद ने भी खोदाई कार्य में श्रमदान किया। इस दौरान डीसी मनरेगा रंजीत सिंह, क्षेत्राधिकारी पुलिस अशोक कुमार आदि मौजूद रहे।
आठ गांवों के दस किलोमीटर क्षेत्र में होगा काम
अवा गंगा नदी शिकोहाबाद से निकलती है। जिले में बरनाहल के गांव खेड़ा मोहन से प्रवेश कर कुल छह गांवों में लगभग दस किलोमीटर का सफर तय करती हैं। इन आठ गांवों में से छह बरनाहल और दो करहल में शामिल हैं। इसके बाद में अवा गंगा सेंगर नदी में जाकर मिल जाती है।
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स्वयंसेवी और ग्रामीणों ने भी किया श्रमदान
अवा गंगा नदी की खोदाई की शुरुआत के बाद संवेदना फाउंडेशन समेत अन्य कई संस्थाओं के स्वयंसेवी और ग्रामीणों ने भी श्रमदान किया। संवेदना फाउंडेशन के अध्यक्ष धर्मवीर सिंह राही ने लोगों से इस पुनीत कार्य में सहयोग करने का आह्वान किया।
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