बीते सप्ताह से धूल-धुएं और धुंध के कारण अस्थमा और सांस संबंधी बीमारी के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। एसएन मेडिकल कॉलेज के वक्ष एवं क्षय रोग विभाग में सोमवार को 339 मरीज आए हैं। इनमें से खांसी के साथ खून आने पर 9 मरीज भर्ती करने पड़े हैं। 4 अस्थमा अटैक के हैं।
वक्ष एवं क्षय रोग विभाग के डॉ. गजेंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि ओपीडी में सोमवार को 339 मरीज आए। इनमें से 58 मरीज ऐसे रहे, जिन्होंने दवाएं बंद कर दी थीं। मौसम बदलने और प्रदूषण के कारण उनकी सांस उखड़ रही थी। तेज खांसी और सीने में जकड़न की शिकायत बताई। कई के बलगम में खून भी आ गया। फेफड़ों में संक्रमण मिलने पर भर्ती करना पड़ा। दवाओं की डोज बढ़ाकर देनी पड़ रही है।
विभागाध्यक्ष डॉ. संतोष कुमार ने बताया कि बारिश होने से प्रदूषण में कमी आएगी, लेकिन बारिश से पहले धूल-धुएं के कारण फेफड़ों में धूल-धुआं भरने अस्थमा अटैक के मरीज ज्यादा बढ़ गए हैं। बीते 10 दिन में 50 मरीज भर्ती हो चुके हैं। इनको हाईलेवल ऑक्सीजन देनी पड़ी। मरीजों से दवाएं बंद नहीं करने, बाहर जाते वक्त मास्क लगाने, प्रदूषित क्षेत्रों में जाने से बचने, बाहर जाते वक्त मास्क लगाने और धूप खिलने के बाद टहलने की सलाह दे रहे हैं।