फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Agra News: रिटायर्ड शिक्षक को डिजिटल अरेस्ट कर ठगे 20 लाख रुपये

विज्ञापन
साइबर क्राइम के पीड़ित रिटायर्ड शिक्षक
विज्ञापन
आगरा। तुम्हारे आधार से धोखेबाजों ने खाता खुलवाया। 6.80 करोड़ की मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज हुआ है। अब तुम्हारे खिलाफ कार्रवाई होगी। जेल जाने से बचना है तो 20 लाख रुपये जमा कर दो। इन बातों का डर दिखाकर सैंया के 70 वर्षीय शिक्षक हरीचंद को साइबर अपराधियों ने डिजिटल अरेस्ट किया और उनसे ठगी कर ली। शिकायत पर साइबर क्राइम थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
विज्ञापन


गांव कुकावर, बिरहरू, सैंया निवासी हरीचंद वर्ष 2015 में पूर्व माध्यमिक विद्यालय जाैनई से सेवानिवृत्त हुए थे। उन्होंने बताया कि 28 अक्तूबर को उनके पास अनजान नंबर से काॅल आई। काॅल करने वाले ने कहा कि आपके आधार से खाता खोलकर 6.80 करोड़ की मनी लॉन्ड्रिंग की गई है। दिल्ली आइए। साक्ष्य मिलने पर आपके खिलाफ कार्रवाई होगी। जेल भी जा सकते हैं।
यह सुनकर वह घबरा गए। उन्होंने कहा कि वह 70 साल के हैं। बीपी के मरीज हैं। ठीक से चल फिर भी नहीं पाते हैं। वो किसी तरह की मनी लॉन्ड्रिंग में कैसे शामिल हो सकते हैं। यह सुनने के बाद काॅल कट गई। कुछ देर बाद फिर से कॉल आई। इस बार वीडियो काॅल पर बात की। तीन स्टार लगी वर्दी में एक पुलिसकर्मी बात कर रहा था।
विज्ञापन

उसने कहा कि वह उनसे लिखित में ऑनलाइन शिकायत लेंगे। बुजुर्ग हैं इसलिए मामले को रफा-दफा करने का प्रयास किया जाएगा। इस बारे में किसी को न बताना। शिकायती पत्र लेने के बाद कॉल काट दिया। वह दिन में दो बार वीडियो कॉल पर बात कर हालचाल पूछता था। 1-1 घंटे तक बात करता था। इस दाैरान किसी से मिलने नहीं देता था।
आरोपी दो महीने तक कॉल करता रहा। हर बार जांच की बात करता था। 26 दिसंबर को कॉल करके कहा कि अब मामला सीबीआई अधिकारी देख रहे हैं। लाइन पर लेकर उनसे बात कराई। कहा कि वह पूरा मामला खत्म कर देंगे। वो जैसा कहें, वैसा करते रहना। अधिकारी ने कहा कि 15 लाख रुपये जमा करने होंगे। यह देखा जाएगा कि आपका अकाउंट फर्जीवाड़े में इस्तेमाल तो नहीं हुआ है।
जांच के बाद 24 घंटे में रकम वापस कर दी जाएगी। उन्होंने अपने पेंशन खाते से रकम ट्रांसफर कर दी। बाद में 5 लाख रुपये और ले लिए। उनका बेटा दीपक नोएडा में नाैकरी करता है। 2 जनवरी को वो घर आया था। तब उसे मामले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि साइबर ठग इसी तरह से ठगी करते हैं। वह साइबर क्राइम थाना गए। उन्होंने तहरीर दी। उधर, अब भी आरोपी काॅल करके रकम की मांग कर रहे हैं।

- असम और केरल के खातों में जमा हुआ पैसा
हरीचंद ने बताया कि उनके खाते में पेंशन की रकम आती है। साइबर अपराधियों ने सब लूट लिया। उन्होंने अपने बुढ़ापे के लिए रकम जमा कर रखी थी। एक झटके में सब चला गया। यह नहीं समझ आ रहा कि क्या करें। उधर, थाना साइबर क्राइम की प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि रिटायर्ड शिक्षक से दो खातों में रकम ट्रांसफर कराई गई थी। इसमें एक खाता यस बैंक का असम और भारतीय स्टेट बैंक का केरल का है। इनकी डिटेल निकाली गई। पता चला कि कई खातों में रकम ट्रांसफर की गई है। इसके बाद निकाल लिया गया। कुछ रकम पुलिस ने होल्ड भी कराई, जिसे वापस कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। आरोपियों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है।

- सावधान रहें...पुलिस नहीं करती डिजिटल अरेस्ट
डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास ने बताया कि अनजान नंबर से काॅल करने वालों से सावधान रहें। पुलिस कभी डिजिटल अरेस्ट नहीं करती है। अगर काॅल कर कोई खाते की जानकारी और रुपये की मांग करता है तो समझ जाएं, ठगी करने वाला है। अपराधी पुलिस की वर्दी पहनकर वीडियो काॅल पर बात करते हैं। खुद को अधिकारी बताते हैं। जेल भेजने की धमकी देते हैं। डरने की जरूरत नहीं है। हेल्पलाइन नंबर 1930 पर काॅल करके शिकायत करें। साइबर थाना में भी आ सकते हैं। पुलिस आरोपियों के खातों और नंबर की जानकारी लेकर गिरफ्तारी करती है।
विज्ञापन

साइबर क्राइम के पीड़ित रिटायर्ड शिक्षक

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें