आगरा के पिनाहट कस्बे के मोहल्ला रघुनाथपुरा में शुक्रवार को सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक रामअवतार शर्मा (75) की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। शव चारपाई पर प़ड़ा मिला। पास ही नोटों की गड्डियां रखी थीं। बेटे ने लूटपाट के बाद हत्या की आशंका जताई है। पुलिस का कहना है कि हृदयाघात से मौत होने का अंदेशा है। जांच की जा रही है।
नदगवां तिराहा, मोहल्ला रघुनाथपुरा में राम अवतार शर्मा (75) अकेले रहते थे। पत्नी मीरा देवी की दो सप्ताह पहले मृत्यु हो गई थी। दो बेटों में बड़े सुनील फतेहाबाद में और दूसरा प्रवीण दिल्ली में रहते हैं। पड़ोसियों ने बताया कि राम अवतार रोजाना सुबह ही घर के बाहर निकल आते थे। अकेले उनका मन नहीं लगता था।
शुक्रवार को देर तक घर से बाहर नहीं निकले। लोगों ने आवाज दी तो जवाब नहीं मिला। घर का सामान भी अस्त-व्यस्त पड़ा था। उनका शव चारपाई पर पड़ा था। सूचना पर पहुंची पुलिस को शिक्षक की चारपाई के पास रखी टेबल पर 64,650 रुपये रखे मिले।
बेटे सुनील ने कहा कि घर में अलमारी से आभूषण गायब हैं। उन्होंने अपने पास नकदी क्यों रखी। आशंका है कि लूट या चोरी के बाद हत्या की गई है। थाना प्रभारी ने बताया कि लूट और हत्या जैसा कोई मामला नहीं है। प्रथम दृष्टया हृदयगति रुकने से मृत्यु की आशंका है। मामले की जांच की जा रही है।
पत्नी की मृत्यु के बाद बेटों के पास नहीं गए
बुजुर्ग प्रधानाध्यापक राम अवतार शर्मा की पत्नी की 22 अप्रैल को मृत्यु हो गई थी। दो मई को तेरहवीं संस्कार के बाद दोनों बेटे अपने परिवार के साथ चले गए। पिता ने साथ चलने से इन्कार कर दिया। बेटे ने बताया कि उनका आसपास के लोगों से मेलजोल था। तबीयत खराब होती तो उन्हें जानकारी देते।
ऑपरेशन सवेरा का कोई लाभ नहीं
पुलिस ने एकाकी बुजुर्गों का ख्याल रखने और उन्हें आपराधिक घटनाओं से बचाने के लिए ऑपरेशन सवेरा की शुरुआत की थी। इसमें बीट के सिपाहियों को अपने इलाके के अकेले रहने वाले बुजुर्गों के पास हर सप्ताह जाना होता है और उनकी खैरियत जानने के लिए कहा गया था। लेकिन यह ऑपरेशन पुलिस की फाइलों तक सीमित रह गया है।