आगरा के थाना मलपुरा क्षेत्र के विनायक गार्डन निवासी 30 अक्तूबर से लापता अंशु यादव की हत्या की आशंका जताई गई है। इस मामले में उसके दोस्त अनुराग यादव ने ही प्राथमिकी दर्ज कराई है। इसमें युवती के पिता-मां सहित 9 लोगों को आरोपी बनाया है। दोस्त और पिता की निशानदेही पर मलपुरा पुलिस ने रविवार को इटावा के ग्वालियर बाईपास से एक कंकाल भी बरामद किया। कंकाल अंशु का होने की आशंका है। हालांकि, फोरेंसिक जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। पुलिस डीएनए जांच कराएगी। सोमवार को इस मामले में खुलासा कर सकती है। आधा दर्जन लोगों को हिरासत में लिया गया है।
प्रभारी निरीक्षक मलपुरा ने बताया कि अंशु यादव की गुमशुदगी 30 अक्तूबर 2025 को दर्ज कराई गई थी। इसमें बताया था कि अंशु शाम करीब पांच बजे घर से बिना बताए निकल गई। उसके बाद नहीं लौटी थी। 13 दिसंबर को अंशु के दोस्त ने सूचना दी कि अंशु की हत्या उसके ही परिवार के लोगों ने ही कर दी है। साक्ष्य मिटाने के लिए शव को इटावा जनपद के बढ़पुरा क्षेत्र में फेंक दिया गया है। इसके बाद युवती के माता-पिता व अन्य परिजन से पूछताछ की गई थी।
पूछताछ के दौरान मिले तथ्यों और संदेह के आधार पर थाना मलपुरा पुलिस टीम रविवार को बढ़पुरा थाना क्षेत्र पहुंची। प्रभारी निरीक्षक विनोद मिश्रा के नेतृत्व में पुलिस टीम ग्वालियर बाईपास के पास सुनवारा गांव पहुंची, जहां परिजनों की निशानदेही पर झाड़ियों और खुले क्षेत्र में तलाश की गई। तलाशी के दौरान वहां से कंकाल के अवशेष बरामद हुए। सूचना मिलते ही मौके पर आगरा की फॉरेंसिक टीम को भी बुला लिया गया।
बढ़पुरा प्रभारी निरीक्षक केके मिश्रा ने बताया कि प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि शव को यहां फेंके जाने के बाद लंबे समय तक किसी की नजर नहीं पड़ी, जिससे जंगली जानवरों ने शव को नोच खाया। डीएनए रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि शव अंशु का है या नहीं। डीसीपी पश्चिमी जोन अतुल शर्मा ने बताया कि थाना मलपुरा क्षेत्र में लापता युवती की हत्या की बात सामने आई है। कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है। उनसे पूछताछ की जा रही है। इटावा से अस्थि अवशेष मिले हैं। डीएनए जांच कराई जाएगी।