खिलाड़ियों के लिए आवश्यक उपकरण, तेल, साबुन, बादाम, किट, अखाड़ा और अन्य सुविधाएं भी वे स्वयं उपलब्ध करा रहे हैं। उन्होंने बताया कि उनके छोटे भाई दिवंगत लोटन पहलवान, बड़े पहलवान थे उनका सपना था कि बच्चों को निशुल्क सुविधा मिलनी चाहिए। मजबूत शरीर और अनुशासित जीवन ही युवाओं को सफलता की राह पर आगे बढ़ाता है। कुशलपाल सिंह ने बताया कि यहां तैयारी करने वाले कई पहलवान नेशनल और अंतरराष्ट्रीय पदक जीत चुके हैं। व्यायामशाला के कोच राणा पहलवान ने बताया कि छोटे-छोटे बच्चों में भी पहलवानी को लेकर उत्साह देखने को मिल रहा है कई नन्हे मुन्ने पहलवान भी तैयारी कर रहे हैं।
उनका कहना है कि भले ही वे अपना सपना पूरा न कर सके, लेकिन अब वे क्षेत्र के युवाओं के सपनों को साकार करने के लिए समर्पित हैं। दूर-दूर से खिलाड़ी यहां प्रशिक्षण लेने पहुंच रहे हैं, जिनमें कई नेशनल स्तर की तैयारी कर रहे हैं। नेशनल पदक विजेता पहलवान गामिनी चाहर और सौरभ पहलवान जैसे कई पहलवान यहीं पर तैयारी कर रहे हैं। हालांकि अभी सुविधाओं का अभाव है, फिर भी इन दोनों की पहल क्षेत्र में नई उम्मीद जगा रही है। यह प्रयास न केवल खेल प्रतिभाओं को निखार रहा है, बल्कि युवाओं में अनुशासन, आत्मविश्वास और देशभक्ति की भावना भी मजबूत कर रहा है।