कासगंज। कासगंज - सोरोंजी मार्ग के किसानों पर अधिग्रहण की दोहरी मार पड़ेगी। पहले फोरलेन सड़क के निर्माण में आवासीय और व्यवसायिक भवनों में तोड़फोड़ हुई, अब फिर से 530 बी सिक्सलेन मार्ग के लिए भूमि अधिगृहीत के लिए सर्वेक्षण का कार्य शुरू हो गया है। जिसमें खंजी नगला, प्रह्लादपुर, गोरहा, आनंदीपुर सहित कई इलाकों की आवासीय, गैर आवासीय भूमि का अधिगृहीत होगा। किसान अधिग्रहण की कार्रवाई को अन्यायपूर्ण बताते हुए डीएम से निरस्त कराने की मांग की है।
बरेली - मथुरा - पीलीभीत मार्ग पहले राजमार्ग में शामिल था। अब यह राष्ट्रीय राजमार्ग 530 बी में शामिल हो गया है। सिक्सलेन का स्ट्रक्चर सुनिश्चित करने के लिए भूमि अधिग्रहण के लिए गजट का प्रकाशन किया जा चुका है। अब एनएचएआई ने सर्वेक्षण की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सर्वेक्षण की प्रक्रिया शुरू होते ही किसानों में खलबली मच गई है। सबसे ज्यादा परेशान वो किसान हैं जिनके आवासों को फोर लेन निर्माण के दौरान तोड़ा गया और कोई मुआवजा भी नहीं मिला। गांव देवरी प्रह्लादपुर पर एनएचएआई ने पश्चिमी साइड से सड़क के अधिगृहीत के लिए सर्वेक्षण किया है। यहां ग्रामीणों का कहना है कि सड़क के मध्य बिंदु से दोनों और भूमि अधिग्रहित की जाए। जिससे कुछ लोगों पर ही अधिगृहीत की गाज न गिरे। किसानों ने अन्यायपूर्ण अधिग्रहण को रोकने की मांग उठाई है। कलक्ट्रेट पर जाकर इस संबंध में ज्ञापन भी सौंपा गया। ज्ञापन देने के दौरान संतोष कुमार, रामदास, विनोद कुमार, राजपाल, अनार सिंह, तेजपाल, रामप्रकाश, शिवदर्शन, बेबी, संजय गौड, रामनिवास, दयाराम, सुनहरी, प्रीती गुप्ता, तेजपाल, रामजीत आदि शामिल रहे।