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शासन ने मांगी फर्जी शिक्षकों की रिपोर्ट, शिक्षा विभाग में मचा हड़कंप

Tue, 16 Oct 2018 05:35 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला कासगंज
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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शासन ने कासगंज जिले के फर्जी शिक्षकों की रिपोर्ट मांगी है। इससे शिक्षा विभाग में हड़कंप है। विभाग फर्जी शिक्षकों का ब्योरा जुटाने में जुट गया है। 16 शिक्षकों पर फर्जीवाड़े की प्रमाणिकता पूर्व में ही साबित हो चुकी है। 
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वहीं फर्जीवाड़ा सिद्ध होने के बाद विभागीय मिलीभगत से यह शिक्षक लाखों रुपये लेकर भूमिगत हो गए। पुलिस की फाइलों में कार्रवाई सिर्फ एफआईआर की औपचारिकता तक सिमट कर रह गई है।    
  
बेसिक शिक्षा विभाग की सचिव रूबी सिंह ने शिक्षा विभाग को पत्र भेजकर फर्जी शिक्षकों का ब्योरा मांगा है। यूं तो डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा के 97 डिग्रीधारकों पर फर्जीवाड़ा तय हुआ। हालांकि सभी को उच्च न्यायालय से राहत मिल गई। 
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लापता हैं फर्जी शिक्षक

अब नए आदेशों के बाद शिक्षा विभाग फर्जी शिक्षकों का ब्योरा जुटाएगा, जिसमें 97 शिक्षकों को शामिल नहीं किया जाएगा। जिले में फर्जी शिक्षकों की पहले ही सूची तैयार है। वर्ष 2011 में पटियाली विकासखंड क्षेत्र में छह शिक्षकों को फर्जी तैनाती दी गई। 

इतना ही नहीं बिना सत्यापन के इन शिक्षकों को छह माह का वेतन दिया गया। मामले की शिकायतें सिर्फ फाइलों में दफन है। तत्कालीन डीएम के विजयेंद्र पांडियान के निर्देश पर दो साल पहले छह फर्जी शिक्षकों के खिलाफ पटियाली कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई गई। 

पुलिस ने भूमिगत हुए शिक्षकों की तलाश की, लेकिन वे कहीं भी नहीं मिले। इनके पते भी फर्जी मिले। मामले में एक बाबू को भी निलंबित किया गया। वर्ष 2010 में 10 शिक्षकों को फर्जी तैनाती दी गई। इनके खिलाफ एटा में डायट प्राचार्य ने मुकदमा दर्ज कराया था। शासन द्वारा रिपोर्ट मांगे जाने पर विभाग फिर से ब्योरा जुटा रहा है।     
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फंसेगी जिम्मेदारों की गर्दन  

शासन द्वारा मांगी गई रिपोर्ट में सही तथ्य भेजने पर कई जिम्मेदारों की गर्दन फंस सकती है। नियम है कि दस्तावेजों का सत्यापन नहीं होने पर वेतन आहरित नहीं किया जा सकता है। वहीं 2010 एवं 2011 में संबंधित खंड शिक्षा अधिकारियों की संस्तुति पर फर्जी शिक्षकों को वेतन दिया गया। यहां तक कि पटियाली में एक शिक्षक को मिड-डे मील की 2 लाख रुपये की कन्वर्जन कास्ट भी दी गई। 
     
इस संबंध में बीएसए अंजली अग्रवाल ने बताया कि शासन ने रिपोर्ट मांगी है। पूरा ब्योरा तैयार किया जा रहा है। कितने शिक्षक फर्जी थे और उन्हें कितना भुगतान किया गया है इन सब की जानकारी शीघ्र ही शासन को भेज दी जाएगी। 
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