कासगंज। इटावा में यादव कथा वाचक प्रकरण के बाद पुलिस सतर्क हो गई है। सुन्नगढ़ी के गांव कुसौल में रहने वाले एक व्यक्ति ने भागवत कथा के लिए एसडीएम से अनुमति मांगी थी। इसमें यादव कथा वाचक का आना प्रस्तावित है। पुलिस ने इस आयोजन के लिए अनुमति नहीं देने की रिपोर्ट एसडीएम को भेजी है। पुलिस का कहना है कि आयोजन होने पर विवाद की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता। सपा के जिलाध्यक्ष विक्रम सिंह ने पुलिस के अनुमति नहीं देने की रिपोर्ट को सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। हालांकि, एसडीएम की ओर से अभी अनुमति को लेकर कोई निर्णय नहीं लिया गया है। सुन्नगढ़ी के गांव कसौल निवासी कृष्णपाल से एसडीएम पटियाली प्रदीप विमल को पत्र लिखते हुए गांव में भागवत कथा कराने के लिए अनुमति मांगी। भागवत कथा में कथावाचक शास्त्री गोल्डी यादव का आना प्रस्तावित है। इस पर सुन्नगढ़ी थाना पुलिस ने एसडीएम को अपनी रिपोर्ट भेज दी है। इसमें पुलिस का कहना है कि भागवत कथा सुनने के लिए प्रतिदिन 500 से 600 लोग एकत्रित होने की संभावना है। इटावा में भागवत कथा के दौरान हुए विवाद को देखते हुए यहां भी विवाद होने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता। इस वजह से भागवत कथा के आयोजन की अनुमति नहीं दी जाए। पुलिस की इस रिपोर्ट को सपा जिलाध्यक्ष विक्रम यादव ने सोशल मीडिया पर वायरल करते हुए लिखा कि यादव कथा वाचक शास्त्री गोल्डी यादव और ओबीसी कथा वाचक की विधिवत परमिशन मांगने पर थाना सुन्नगढ़ी पुलिस द्वारा इटावा की घटना को आधार बनाकर निरस्त करना शर्मनाक है। इसका डटकर विरोध किया जाएगा। वहीं, मामले में एसडीएम पटियाली प्रदीप विमल का कहना है कि पुलिस की ओर से कथा के आयोजन को लेकर अपनी रिपोर्ट भेजी गई है। लेकिन अभी अनुमति को लेकर कोई निर्णय नहीं लिया गया है।