मैनपुरी। अपर मुख्य अधिकारी (एएमए) के खिलाफ की गई शिकायत पर शुरू जांच अंतिम दौर में है। जांच समिति ने एएमए के जवाब के बाद जिला पंचायत कार्यालय के कर्मचारियों के बयान दर्ज किए। इसमें अधिकांश कर्मचारियों ने एमएए पर दुर्व्यवहार करने के आरोप लगाए। जल्द ही मामले की रिपोर्ट डीएम को भेजी जाएगी।
डीएम महेंद्र बहादुर सिंह के आदेश पर गठित समिति जिला पंचायत कार्यालय से संबंधित प्रकरण की जांच कर रही है। जांच समिति में सीडीओ ईशा प्रिया और परियोजना निदेशक सुरेश चंद्र मिश्रा को रखा गया है। अपर मुख्य अधिकारी को पहले नोटिस जारी कर जवाब लिया गया। जवाब आने के बाद परियोजना निदेशक ने इसका परीक्षण किया।
अब अंतिम चरण में मंगलवार को समिति ने जिला पंचायत कार्यालय के कर्मचारियों के बयान दर्ज किए। सूत्रों के अनुसान शिकायकर्ता चार कर्मचारियों के अलावा भी अन्य कुछ कर्मचारियों ने अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत तपेश चंद्र वर्मा पर दुर्व्यवहार करने के लिखित बयान समिति को दिए।
वहीं समिति की जांच में कार्यालय में प्रशासनिक नियंत्रण भी शिथिल पाया गया। जल्द ही अब समिति अपनी गोपनीय रिपोर्ट डीएम महेंद्र बहादुर सिंह को भेजेगी। उन्हीं के स्तर से जांच रिपोर्ट के आधार पर निर्णय लिया जाएगा।
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ये है पूरा मामला
जिला पंचायत कार्यालय में तैनात चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी मनोज कुमार ने अपर मुख्य अधिकारी तपेश चंद्र वर्मा पर उत्पीड़न करने का आरोप लगाया था। उसने कान पकड़कर उठक-बैठक लगवाने और निलंबित करने की धमकी देने की बात कही थी। एक महिला चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी समेत तीन अन्य कर्मचारियों ने भी शोषण के आरोप लगाए थे। मामले में जिलाधिकारी ने जांच के आदेश दिए थे।
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वर्जन
जांच समिति ने जिला पंचायत कार्यालय के कर्मचारियों के लिखित बयान दर्ज किए हैं। जांच समिति द्वारा जिलाधिकारी को अपनी रिपोर्ट जल्द भेजी जाएगी।
ईशा प्रिया, मुख्य विकास अधिकारी।