कासगंज। गेहूं की खेती जनपद के किसानाें के लिए प्रमुख फसल है। यह फसल लगभग 97 हजार हेक्टेयर में बोई जाती है। फसल में खरपतवार हो जाएं तो अच्छी पैदावार नहीं मिल सकती। कृषि विज्ञान केंद्र के कृषि वैज्ञानिक ब्रज विकास सिंह ने जानकारी दी है कि खरपतवार को कम करके गेहूं की फसल की पैदावार बढ़ा सकते हैं। मौसम भी अब गेहूं की फसल के लिए अच्छा हो रहा है।दिसंबर माह के अंत में कोहरा और ठंड बढ़ी है। यह मौसम गेहूं की फसल के लिए अनुकूल हैं। इस तरह के मौसम में गेहूं की फसल अच्छी होने की संभावना बढ़ जाती है। लेकिन गेहूं की फसल में कई तरह के खरपतवार आ जाते हैं, जो खेत के पोषक तत्वों को नष्ट करते हैं। पोषक तत्वों की कमी से पैदावार कम हो सकती है। खरपतवार के कारण पानी और अन्य पोषक तत्वों का 20 से 25 प्रतिशत तक भाग अवशोषित कर लिया जाता है। गेहूं में सकरी पत्ती के गेहूंसा, जगंली जई, बथुआ, सेंजी, चटरी सहित अन्य खरपतवार होते हैं, जिन्हें दूर कर अच्छी पैदावार पाई जा सकती है।कृषि विज्ञान केंद्र के कृषि वैज्ञानिक ब्रज विकास सिंह का कहना है कि सकरी पत्ती के खरपतवार के लिए सल्फो सल्फयूरॉन 75 प्रतिशत डब्ल्यू पी की 33 ग्राम प्रति हेक्टेयर की मात्रा को 500 से 600 लीटर में घोलकर छिड़काव करें।