आगरा। अधिवक्ता केसी जैन ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर विलायती बबूल की जगह देसी प्रजातियों के पौधे लगाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि विलायती बबूल जैसे विदेशी पेड़ असली जंगलों को नुकसान पहुंचाते हैं।
जिले में लगभग 18 हजार हेक्टेयर वन क्षेत्र है। इसमें से करीब 12 हजार हेक्टेयर, यानी लगभग 60 से 70 प्रतिशत हिस्से पर सिर्फ विलायती बबूल का है। विलायती बबूल जमीन का पानी बहुत तेजी से खींच लेता है। ताज महल के आसपास के ताज वन क्षेत्र, शहर के बीच में स्थित पालीवाल पार्क, बाईपुर नगर वन, फाउंड्री नगर उद्यान और अन्य जंगलों में विलायती बबूल बहुत तेजी से फैल चुका है। मुख्यमंत्री को लिखे गए पत्र में सुझाव दिए गए हैं। सुप्रीम कोर्ट के सामने एक योजना रखें और विलायती बबूल को हटाने की अनुमति लें। जिन जगहों से ये पेड़ हटाए जाएं, वहां तुरंत देसी पेड़ जैसे पीपल, बरगद, नीम, जामुन, अर्जुन और गूलर लगाए जाएं।