ड्रग इंस्पेक्टर जुनाब अली ने बताया कि इंजेक्शन बनाने वाली कंपनियों के डिपो में बात की है। सिप्ला ने इसी सप्ताह और हेट्रो और मिलान कंपनी ने अगले महीने से इंजेक्शन की सप्लाई की बात कही है। यह इंजेक्शन किसी दवा विक्रेता को नहीं दिया जाएगा। एसएन कॉलेज में ही इसकी आपूर्ति होगी। एसएन कॉलेज प्रशासन इंजेक्शन खरीद के लिए कुटेशन बना रहा है। जिलाधिकारी प्रभुनारायण सिंह ने भी इसकी पुष्टि की है।
तीन महीने की एक्सपायरी, एक बार में सिर्फ 12 इंजेक्शन
रेमडेसिविर इंजेक्शन की एक्सपायरी महज तीन महीने की है। ऐसे में इसकी एकमुश्त में सप्लाई नहीं की जाएगी। एक बार में 12 इंजेक्शन ही एसएन कॉलेज को दिए जाएंगे। इसका रिकॉर्ड भी रखा जाएगा। जिस मरीज को यह इंजेक्शन दिया गया, उसकी आईडी के साथ मरीज की हालत की रिपोर्ट भी साथ भेजी जाएगी।
गंभीर मरीज में घंटे भर में दिखने लगता है असर
रेमडेसिविर इंजेक्शन कोरोना वायरस के संक्रमित उन मरीजों में बेहद कारगर है जिनकी हालत गंभीर है और मधुमेह, उच्च रक्तचाप समेत अन्य गंभीर बीमारी से भी ग्रसित हैं। आईसीयू में भी भर्ती हैं।
एसएन मेडिकल कॉलेज में संक्रमित मरीजों का इलाज करने वाले चिकित्सक ने बताया कि इस इंजेक्शन से घंटे भर में प्रभावी परिणाम सामने आने लगते हैं। इस इंजेक्शन से मरीज की रोग प्रतिरोधक क्षमता बेहद तेज गति से बढ़ती है। एसएन में तीन और निजी अस्पताल में भी इतने ही मरीजों को यह दिया गया है।