ताजमहल में छाता लगाकर घूमते पर्यटक (फाइल)
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ताजनगरी के चार लाख लोगों की रोजीरोटी पर्यटन से चलती है। बीते साल कोरोना संक्रमण के कारण ताजमहल बंद हुआ तो होटल, रेस्टोरेंट, एंपोरियम, गाइड, टूर आपरेटर, फोटोग्राफर, ट्रेवल्स से जुड़े लोगों के सामने रोजीरोटी का संकट खड़ा हो गया। ताजमहल के 188 दिन बंद होने के कारण ज्यादातर लोगों ने अपनी जमा पूंजी लगाकर, उधार लेकर अपने व्यवसाय बदल लिए, लेकिन जब ताज खुला तो फिर से पर्यटन कारोबार से जुड़ गए। अब संक्रमण की दूसरी लहर में पर्यटन उद्यमी दहशत में हैं। उनका कहना है कि वह दूसरा झटका झेल नहीं पाएंगे।