मैनपुरी। क्षेत्रीय सहकारी समिति लेखराजपुर पर तैनात प्रभारी सचिव की लापरवाही से किसान उर्वरक से वंचित हो गए। दरअसल प्रभारी सचिव ने समिति की ऋण सीमा स्वीकृत ही नहीं कराई। इसके चलते समिति को उर्वरक नहीं मिल सका। इस घोर लापरवाही के लिए सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक ने प्रभारी सचिव के निलंबन की संस्तुति की है।
प्रत्येक फसली सीजन में सहकारी समितियों को अपनी ऋण सीमा स्वीकृत करानी होती है। इसी ऋण सीमा के सापेक्ष उन्हें उर्वरकों का आवंटन भी होता है। ये पूरा कार्य सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता के माध्यम से होता है। जिले की 58 सहकारी समितियों में से क्षेत्रीय सहकारी समिति लेखराजपुर की खरीफ सीजन में ऋण सीमा ही स्वीकृत नहीं हुई। प्रभारी सचिव रघुवीर सिंह ने ऋण सीमा स्वीकृत कराने के लिए अभिलेख ही नहीं तैयार किए। ऐसे में जब ऋण सीमा स्वीकृत नहीं हुई तो समिति को उर्वरक नहीं उपलब्ध हो सका। इसके चलते क्षेत्र के किसानों को बुवाई के समय उर्वरक की समस्या का सामना करना पड़ा। सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता अमित त्यागी ने इसे प्रभारी सचिव की घोर लापरवाही मानते हुए उनके निलंबन की संस्तुति की है। उन्होंने क्षेत्रीय सहकारी समिति लेखराजपुर को बकायदे पत्र लिखा है।
हाल ही में जिलाधिकारी अविनाश कृष्ण सिंह ने उर्वरक वितरण की समीक्षा की थी। जब उन्हें क्षेत्रीय सहकारी समिति लेखराजपुर पर ऋण सीमा स्वीकृत न होने पर उर्वरक न होने की बात पता चली तो उन्होंने नाराजगी जताई थी। साथ ही सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक अमित त्यागी को कार्रवाई के आदेश दिए थे।
सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक अमित त्यागी ने बताया कि सहकारी समिति की ऋण सीमा स्वीकृत न कराना घोर लापरवाही है। इससे समिति पर खरीफ सीजन में उर्वरक उपलब्ध नहीं हो सका। इसी के चलते प्रभारी सचिव को निलंबित करने के लिए समिति को पत्र भेजा है।