उत्तर प्रदेश सरकार में बाल विकास, पुष्टाहार एवं महिला कल्याण मंत्री बेबी रानी मौर्य के फर्जी लेटर भेजकर काॅन्वेंट स्कूलों समेत कई सरकारी विभागों में सिफारिश की जा रही थी। जब मंत्री ने एक जरूरतमंद के बच्चे के एडमिशन के लिए पत्र भेजा तो इसकी जानकारी हुई। मामले की शिकायत मिलने के बाद मंत्री के प्रतिनिधि ने पुलिस आयुक्त से शिकायत की। डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास ने थाना हरीपर्वत पुलिस को प्राथमिकी दर्ज करने के आदेश दिए हैं।
मंत्री बेबीरानी मौर्य के प्रतिनिधि सुनील गोली ने बताया कि डेढ़ माह पूर्व मंत्री के कैंप कार्यालय से एक जरूरतमंद परिवार के बच्चे के एडमिशन के लिए वजीरपुरा स्थित सेंट पैट्रिक्स स्कूल को पत्र भेजा गया। इसके बाद स्कूल प्रबंधन ने पहले से दो पत्र मिलने की जानकारी दी। पत्र की काॅपी देखने पर पता चला कि किसी ने मंत्री के पत्र की हूबहू काॅपी तैयार की थी।
पत्र के क्रमांक गलत थे और उसमें कंप्यूटर से तारीख लिखी हुई थी, जबकि कैंप में कोई भी पत्र भेजने पर उसमें हाथ से लिखकर तारीख डाली जाती है। इसके बाद जानकारी की गई तो सेंट फैलिक्स और टोरंट पावर समेत कई विभागों में 40 से ज्यादा ऐसे फर्जी पत्र भेजकर अनापशनाप सिफारिशें की गई थीं। मामले में पुलिस आयुक्त दीपक कुमार को अवगत कराया गया था। मंगलवार को मंत्री के लैटर हेड पर लिखित शिकायत डीसीपी सिटी को दी गई है।
एक ही आदमी तैयार कर रहा पत्र
सुनील गोली ने बताया कि जिस तरह से लेटर का दुरुपयोग किया गया है, उससे स्पष्ट हो रहा है कि कोई एक व्यक्ति ही यह काम कर रहा है। लोगों से लाभ लेकर फर्जी पत्र भेज कर सिफारिश की जा रही है। जिन अभिभावकों के लिए भेजे गए फर्जी लेटर मिले हैं, उनसे पूछताछ करने पर आरोपी के बारे में जानकारी मिल जाएगी।
सभी जनप्रतिनिधियों के पत्रों की अहमियत घटी
फर्जी लेटर से सिफारिश का मामला सामने आने के बाद अब सभी विभागों में जनप्रतिनिधियों के पत्रों की अहमियत कम हो गई है। अधिकारी पत्र मिलने के बाद जनप्रतिनिधियों के पास काल कर पुष्टि कर रहे हैं। जनप्रतिनिधि भी अपने नाम से फर्जी पत्र भेजे जाने के बारे में जानकारी जुटा रहे हैं।
कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं
मंत्री बेबी रानी मौर्य के फर्जी लेटर से सिफारिश की शिकायत मिली थी। थाना हरीपर्वत को तुरंत प्राथमिकी दर्ज कर दोषी के बारे में पताकर कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं।
-सैयद अली अब्बास, डीसीपी सिटी