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Agra University: फर्जी दस्तावेजों पर कॉलेज को दे दी मान्यता...फंस गए कुलपति और कुलसचिव, कोर्ट ने मांगी आख्या

Thu, 10 Apr 2025 09:04 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के कुुलपति और कुलसचिव मथुरा के कॉलेज को फर्जी दस्तावेजों पर मान्यता देने के आरोप में फंस गए हैं। सीजेएम कोर्ट ने मामले में आख्या मांगी है।
 
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आगरा विश्वविद्यालय - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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 डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के कुुलपति, कुलसचिव के खिलाफ सीजेएम कोर्ट ने आख्या मांगी है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने कुलाधिपति को पत्र लिखकर मामले की जांच कर 29 अप्रैल तक आख्या मांगी है।
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अधिवक्ता कृष्ण गोपाल ने प्रार्थनापत्र में कहा है कि मथुरा के श्रीलोकमणि शर्मा महाविद्यालय ने जमीन के फर्जी खसरा नंबर दिखाकर विश्वविद्यालय से कई कोर्सों की मान्यता ले रखी है। महाविद्यालय ने खसरा संख्या 26/1, 26/2 पर सशर्त एनओसी प्राप्त करके विश्वविद्यालय से बीए, बीएससी, बीकॉम की मान्यता खसरा संख्या 26 पर प्राप्त की है जबकि महाविद्यालय का निर्माण उपजिलाधिकारी मांट की आख्या 29 मई 2021 और 1 जनवरी 2024 और महाविद्यालय के प्रबंधक के डब्ल्यूएस के अनुसार खसरा संख्या 26/3 पर किया गया है।

 
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शिकायत के बाद भी महाविद्यालय को विश्वविद्यालय सशर्त मान्यता दे रहा है। कुलपति से शिकायत पर भी कार्रवाई नहीं की गई। इस पर कुलपति प्रो. आशु रानी, कुलसचिव राजेश कुमार, उप कुलसचिव पवन कुमार, अधीक्षक संबद्धता विभाग अरविंद गुप्ता, पटल प्रभारी गवेंद्र प्रताप सिंह के खिलाफ कार्रवाई कर दंडित करने की मांग की है। सीजेएम ने मामले में कुलाधिपति से आख्या मांगी है। 29 अप्रैल को मामले में सुनवाई होगी।

 
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