मानक पूरे न करने पर उत्तर प्रदेश के 105 औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) की मान्यता खत्म कर दी गई है। इनमें तीन आगरा के हैं। कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत प्रशिक्षण महानिदेशालय ने इस बाबत आदेश जारी कर दिया है।
प्रशिक्षण महानिदेशालय के आदेश में कहा गया है कि सत्र 2020 से इनकी संबद्धता खत्म की गई है। यानी, सत्र 2020 से इनमें प्रवेश नहीं लिए जा सकेंगे। ये आईटीआई तीन साल (वर्ष 2022 तक) के लिए डिबार किए गए हैं। तीन साल के बाद ये आईटीआई संबद्धता के लिए पुन: आवेदन कर सकते हैं। बशर्ते, ये संस्थान उस समय निर्धारित मान्यता के मानकों को पूरा करते हों।
आदेश में यह भी कहा गया है कि जो विद्यार्थी पहले से इनमें प्रशिक्षण ले रहे हैं, उनका प्रशिक्षण जारी रहेगा। इसे पूरा कराने की जिम्मेदारी इन आईटीआई की ही होगी। पहले से पढ़ रहे विद्यार्थियों की अटेंडेंस और हॉल टिकट आदि के लिए एनसीवीटी के एमआईएस पोर्टल इन आईटीआई का स्टेटस ‘एक्टिव या अफिलिएटेड’ दिखाएगा। जबकि, एनसीवीटी के एमआईएस पोर्टल पर ही ट्रेड्स का स्टेटस ‘डि-एक्टिवेटेड’ दिखेगा। इससे ये आईटीआई एडमिशन नहीं ले सकेंगे।
इनकी मान्यता समाप्त
आगरा में लालचंद्र भगवान दास प्राइवेट आईटीआई सदर बाजार, कृष्णा प्राइवेट आईटीआई जगनेर खेरागढ़, सेंट जोंस प्राइवेट आईटीआई हॉस्पिटल रोड और राजेंद्र मार्केट की मान्यता समाप्त कर दी गई है।