दस रुपये के सिक्कों के चलन को लेकर लगातार फैल रही अफवाहों पर भारतीय रिजर्व बैंक ने लगाम लगाने के प्रयास शुरू कर दिए हैं।
रिजर्व बैंक ने पहले तो दस रुपये के सिक्कों को वैद्य ठहराने का पत्र जारी किया और अब सभी मोबाइल फोन ग्राहकों को ऐसे संदेश भेजे जा रहे हैं कि ‘10 रुपये के सिक्के रुपये चिन्ह के साथ और उसके बिना दोनों ही वैद्य हैं, इन्हें बेझिझक लें’।
रुपये का चिन्ह लागू होने से पहले भारतीय रिजर्व बैंक ने जो दस रुपये का सिक्का जारी किया था, उसका लेनदेन सब्जी मंडियों में कम होने के बाद विवाद का विषय बन गया। देहात में दस रुपये के सिक्कों को नकली बताकर लेनदेन बंद कर दिया गया।
जिलाधिकारियों और लीड बैंक मैनेजरों ने जब इसकी सूचना भारतीय रिजर्व बैंक को दी तो अब हर ग्राहक के मन में फैले भ्रम को मिटाने के लिए उनके मोबाइल पर संदेश भेजा जा रहा है।