मैनपुरी। लॉकडाउन में हर जरूरतमंद परिवार तक राशन पहुंचाने के लिए पूर्ति विभाग को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके लिए लगातार राशन कार्ड भी बनाए जा रहे हैं। विभाग ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि जो लोग खुद सक्षम हैं, वे गरीबों का राशन न लें। इससे जरूरतमंदों तक उस राशन को पहुंचाया जा सकेगा। बीते माह हजारों लोगों ने स्वेच्छा से राशन नहीं लिया था। इसका असर हुआ और इस बार राशन न लेने वालों का आंकड़ा बढ़ गया।
जिले के लगभग तीन लाख परिवारों को पूर्ति विभाग ने राशन कार्ड जारी किए हैं। इन लोगों को दो चरण में राशन वितरण किया जा रहा है। पहले चरण में गेहूं और चावल तो दूसरे चरण में चावल और चना का वितरण हो रहा है। अब मई में वितरण पूर्ण हो चुका है। वितरण के बाद सामने आए आंकड़ों के अनुसार इस बार जिले में 17 हजार परिवारों ने राशन नहीं लिया। जबकि बीते माह 14 हजार लोगों ने राशन नहीं लिया था। इससे साफ है कि इस बार ये संख्या और बढ़ गई है।
हाईलाइटर्स
- 3.05 लाख हैं जिले में कुल राशन कार्ड
- 2.88 लाख ने मई में लिया राशन
- 17 हजार परिवारों ने नहीं लिया राशन
- 94 प्रतिशत से अधिक हुआ राशन वितरण
- 14 हजार परिवारों ने अप्रैल में नहीं लिया था राशन
स्वेच्छा से राशन नहीं ले रहे
मई में कुल 95 प्रतिशत राशन का वितरण हुआ है। 17 हजार परिवार ऐसे हैं, जिन्होंने इस बार राशन नहीं लिया है। बीते माह 14 हजार परिवारों ने राशन नहीं लिया था। जो लोग खुद सक्षम हैं वे जरूरतमंदों तक अनाज पहुंचाने के लिए स्वेच्छा से राशन नहीं ले रहे हैं। - यूआर खान, जिला पूर्ति अधिकारी।