राशन माफिया सुमित अग्रवाल की पुलिस को रिमांड मिल गई है। वहीं उसका जीजा भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। माना जा रहा है कि सुमित से पूछताछ में कई और नाम भी सामने आ सकते हैं।
सरकारी राशन में मुफ्त बंटने वाले चावल की तस्करी का गैंग चला रहे राशन माफिया सुमित अग्रवाल के मंसूबों पर पानी फिर गया। डीएम के हस्तक्षेप के बाद पुलिस ने जमानत नहीं होने दी। मंगलवार को आरोपी की रिमांड भी मिल गई। संगठित अपराध में शामिल माफिया की संपत्तियां कुर्क होंगी।
विज्ञापन
कुर्की के लिए संपत्तियों का चिह्नांकन शुरू हो गया है। खेरागढ़, पीपलखेड़ा निवासी सुमित अग्रवाल कई वर्षों से राशन के चावल की तस्करी कर रहा था। सुमित अग्रवाल व गैंग में शामिल हेमेंद्र अग्रवाल उर्फ गोपाल व झब्बू को 26 दिसंबर को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। लेकिन, जेल से माफिया नेटवर्क चलाता रहा। उसने गद्दी अपने जीजा मनीष अग्रवाल को दे दी। 17 जनवरी को अछनेरा, रायभा में 574 बोरी चावल सहित मनीष अग्रवाल को पुलिस ने गिरफ्तार किया था।
डीसीपी पश्चिम सोनम कुमार ने बताया कि सुमित मनीष से पूछताछ में कई बातें सामने आई थीं। इसके बाद सुमित अग्रवाल की जमानत पर आपत्ति दर्ज कराई। आरोपी की रिमांड मिल गई है। उसकी संपत्तियां चिह्नित की जा रही हैं। संगठित अपराध की धाराओं में मुकदमा दर्ज है। माफिया ने संपत्तियों को अपराध से अर्जित की है। डीएम अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने बताया कि माफिया के नेटवर्क को जड़ से उखाड़ने के लिए पुलिस आयुक्त से वार्ता की गई है। पुलिस व प्रशासन संयुक्त रूप से प्रभावी कार्रवाई करेगी।