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हर माह 50 हजार परिवारों को राशन नहीं दे रहे थे डीलर

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कलक्ट्रेट स्थित जिला पूर्ति अधिकारी कार्यालय - फोटो : MAINPURI
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मैनपुरी। जिले में कोटा डीलर हर माह 50 हजार परिवारों का राशन खा रहे थे। शासन की ओर से ई-पास मशीन से वितरण के बाद इस पर अंकुश लगता दिख रहा है। मई और जून में ई-पास से राशन वितरण के आंकड़े में पहले की अपेक्षा 15 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है, जो यह दर्शाता है कि यह राशन सीधे डीलर के खाते में जाता था। अधिकारियों ने भी कोटा डीलरों की जांच शुरू कर दी है।
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जिले में वर्तमान में कुल तीन लाख 20 हजार 984 राशन कार्ड धारक हैं। जब तक ई-पॉस लागू नहीं हुई थी तब तक राशन डीलर 95 प्रतिशत कार्डों का राशन वितरण अभिलेखों में दिखा रहे थे। लेकिन मई में शासन ने ग्रामीण क्षेत्रों में ई-पॉस से वितरण अनिवार्य कर दिया। इसके बाद कोटा डीलरों का खेल खत्म हो गया गया। साथ ही पूरा मामला खुलता चला गया। मई में ई-पॉस से वितरण हुआ तो राशन वितरण घटकर 83 प्रतिशत रह गया। वहीं, जून में ये आंकड़ा तीन प्रतिशत और घटकर 80 प्रतिशत पर ही आ गया। ये आंकड़ा तब है, जब 80 प्रतिशत में भी केवल 74 प्रतिशत को ही ई-पॉस से राशन का वितरण किया गया है।
ऐसे में हम अगर 80 प्रतिशत भी वितरण मान लें तो राशन का वितरण 15 प्रतिशत तक गिर गया। ये 15 प्रतिशत वही लोग हैं, जिनका राशन कोटा डीलर हड़प कर रहे थे। इस तरह लगभग 50 हजार राशन कार्ड धारकों के राशन का गोलमाल डीलरों द्वारा किया जा रहा था। राशन वितरण में आई कमी सामने आने के बाद पूर्ति विभाग ने कोटा डीलरों की जांच शुरू कर दी है। जांच में दोषी पाए जाने वाले कोटा डीलरों पर कार्रवाई का चाबुक भी चल रहा है। हाल ही में करहल के एक कोटा डीलर पर एफआईआर भी कराई गई है। अभी जांच में अन्य कोटा डीलर भी फंसेंगे।
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12 राशन डीलरों पर हो चुका है जुर्माना
अब तक ई-पॉस से कम वितरण करने पर 12 राशन डीलरों पर पूर्ति विभाग जुर्माना भी लगा चुका है। इसमें से आठ राशन डीलरों पर पांच-पांच हजार रुपये और चार राशन डीलरों पर दो-दो हजार का जुर्माना लगाया गया है। इस तरह कुल 48 हजार रुपये का जुर्माना लगाकर जमानत राशि से जब्त भी कर लिया गया है।
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