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Agra News: महाशिवरात्रि पर 300 साल बाद दुर्लभ योग, बढ़ेगी सुख समृद्धि

Sun, 15 Feb 2026 03:02 AM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
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महा​शिवरात्रि: ब्रह्मलाल महाराज की आकर्षक सजावट
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बाह। शिवलिंग के प्राकट्य एवं शिव पार्वती के विवाह के उत्सव महाशिवरात्रि पर 300 साल बाद दुर्लभ योग बन रहे हैं। सकारात्मक ऊर्जा का संचार करने वाले योग भोलेनाथ के भक्तों की सुख समृद्धि तो बढ़ाएगी ही, पूजा का कई गुना पुण्य फल भी मिलेगा।
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ज्योतिषाचार्य शिवशरण पाराशर ने बताया कि रविवार शाम 5.04 बजे से सोमवार शाम 5.34 बजे तक चतुर्थी तिथि है। चतुर्थी तिथि रात में पड़ने के कारण रविवार को महाशिवरात्रि का व्रत एवं पूजन होगा। ग्रहों की दुर्लभ स्थिति से 12 शुभ योग बन रहे हैं। कुंभ राशि में सूर्य, बुध, शुक्र और राहु की मौजूदगी से चतुर्ग्रही योग बनेगा, जो सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाने में सहायक है। महाशिवरात्रि पर प्रीति, आयुष्मान, सौभाग्य, साध्य, शिव, शुक्ल, शोभन, सर्वार्थसिद्धि, चंद्रमंगल, त्रिग्रही, राज और ध्रुव आदि 12 शुभ योग बन रहे हैं। इन योगों के साथ सूर्य, बुध और शुक्र की युति से बुधादित्य, लक्ष्मी नारायण और शुक्रादित्य जैसे 4 बड़े राजयोग भी बन रहे हैं। उन्होंने बताया कि ये सभी योग आपस में जुड़कर एक ऐसी शक्ति पैदा करेंगे जो सीधे तौर पर व्यक्ति की बुद्धि, सुख-सुविधाओं और समाज में उसकी प्रतिष्ठा को बढ़ाने का काम करेगी। महाशिवरात्रि पर चारो प्रहर प्रथम प्रहर (रविवार शाम 6.11 बजे से रात 9.22 बजे तक), द्वतीय प्रहर (रविवार रात 9.23 बजे से रात 12.34 बजे तक), तृतीय प्रहर (रविवार रात 12.35 बजे से सोमवार सुबह 3.46 बजे तक), चतुर्थ प्रहर (सोमवार सुबह 3.46 बजे से सुबह 6.59 बजे तक) पूजा की जा सकती है। बटेश्वर मंदिर के पुजारी जय प्रकाश गोस्वामी ने बताया कि 300 साल बाद बन रहे दुर्लभ योग में विभिन्न शिव मंदिरों में रुद्राभिषेक आदि अनुष्ठान होंगे।
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